Punjab Assembly Election 2022: अंबिका सोनी होंगी चुनाव समन्वय समिति की प्रमुख, सुनील जाखड़ को प्रचार अभियान की कमान

Punjab Assembly Election 2022 कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कमेटियों के प्रमुख नियुक्त कर दिए हैं। अंबिका सोनी चुनाव समन्वय समिति की प्रमुख होंगे जबकि पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ चुनाव प्रचार अभियान के प्रमुख होंगे।

Kamlesh BhattPublish:Mon, 06 Dec 2021 05:38 PM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 05:38 PM (IST)
Punjab Assembly Election 2022: अंबिका सोनी होंगी चुनाव समन्वय समिति की प्रमुख, सुनील जाखड़ को प्रचार अभियान की कमान
Punjab Assembly Election 2022: अंबिका सोनी होंगी चुनाव समन्वय समिति की प्रमुख, सुनील जाखड़ को प्रचार अभियान की कमान

राज्य ब्यूरो/एएनआइ, चंडीगढ़। Punjab Assembly Election 2022: कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी को चुनाव समन्वय समिति का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ को चुनाव अभियान कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को घोषणा पत्र कमेटी का अध्यक्ष नियुक्ति किया गया है। 

इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान ने एक स्क्रीनिंग कमेटी का भी गठन किया है, जिसका चेयरमैन अजय माकन को बनाया गया है। इसमें चंदन यादव और कृष्णा अल्लावुरु सदस्य होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन सुनील जाखड़, पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी और आल इंडिया कांग्रेस के सेक्रेटरी प्रभारी इसके सदस्य होंगे।

चुनाव से जुड़ी कमेटियों के गठन के साथ ही पार्टी ने राज्य में चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का खाका तैयार कर दिया है। कमेटी में राज्य के सभी दिग्गज नेताओं को स्थान दिया गया है। सुनील जाखड़ इन दिनों पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे हैं। इससे प्रचार अभियान की कमान मिलने के बाद जाखड़ की नाराजगी कम होगी या नहीं यह भविष्य के गर्भ में छिपा है। 

पूर्व पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को भी पार्टी ने सम्मान दिया है। उन्हें घोषणा पत्र कमेटी में प्रमुख लगाया गया है। बाजवा व कैप्टन अमरिंदर सिंह का छत्तीस का आंकड़ा रहा, लेकिन कैप्टन के सीएम पद से इस्तीफा देने के कुछ दिन पहले वह कैप्टन अमरिंदर के थोड़े नजदीक आए, पर कैप्टन अपनी कुर्सी को नहीं बचा पाए। बाजबा पार्टी के पुराने व राहुल गांधी के नजदीकियों में माने जाते हैं।