ऋतु राग मेघ मल्हार सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : वॉयलन पर शास्त्रीय संगीत की अपनी एक अलग पहचान बनती है और इस पर भी मौसम के अनुरूप राग मेघ मल्हार सुनना, जैसे कानों में रस घोलने की बात होती है। डॉ. रंजन कुमार ने वायलिन पर शास्त्रीय संगीत की ऐसी ही प्रस्तुति दी। प्राचीन कला केंद्र के सभागार में आयोजित ये प्रस्तुति खास रही। केंद्र हर महीने की 11 तारीख को ऐसी बैठक का आयोजन पिछले कई वर्षो से कर रहा है। मंगलवार को केंद्र की ये 250वीं बैठक रही। पद्मभूषण एसएस गोपाल द्वारा संगीत की शिक्षा ले चुके रंजन ने कहा कि उन्हें संगीत का रुझान अपने पिता स्वर्गीय महेश प्रसाद को देखते हुए हुआ। राग पटदीप से हुई शुरुआत

डॉ. रंजन ने कार्यक्रम की शुरुआत राग पटदीप से की जिसमें सबसे पहले ख्याल में विलम्बित लय प्रस्तुत की। इसके पश्चात रंजन ने तीन ताल में मध्य और द्रुत लय की प्रस्तुति दी। इसके बाद ऋतु राग मेघ मल्हार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन रंजन कुमार ने राग मिश्र पीलू में निबद्ध कजरी से किया। कार्यक्रम में तबले पर चण्डीगढ़ के युवा और प्रतिभाशाली तबला वादक आविर्भाव वर्मा ने संगत की। कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में वर्षो से चलने वाली ये एकमात्र बैठक है, जिसमें देश के कई प्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुति दी। हमारी कोशिश युवाओं के साथ साथ प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सामने लाने की रहेगी। हमें उम्मीद है कि शहर को ऐसी ही प्रस्तुति भविष्य में भी बड़े स्तर पर देखने को मिलेगी। आज निधि नारंग देंगी प्रस्तुति

मासिक बैठक के अंतर्गत बुधवार को प्राचीन कला केंद्र के सभागार में शास्त्रीय गायिका निधि नारंग प्रस्तुति देंगी। कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से शुरू होगा। इसमें एंट्री फ्री रहेगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.