चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों ने रिजल्ट के बेहतर बनाने के लिए नंबर्स में किया गोलमाल, 11वीं की एडमिशन के लिए बढ़ेगी परेशानी

सीबीएसई ने 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। चंडीगढ़ के स्कूलों में परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने परिणाम को बेहतर करने के लिए एडिशनल विषय के नंबरों को जोड़ा है जो कि सरकारी स्कूलों में 11वीं एडमिशन के समय परेशानी बढ़ा सकता है।

Ankesh ThakurWed, 04 Aug 2021 02:47 PM (IST)
इस मुद्दे पर परीक्षा परिणाम विशेषज्ञ विजय यादव ने कुछ सुझाव दिए हैं।

सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने मंगलवार को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया है। परिणाम घोषित होने से जहां पर स्टूडेंट्स खुश हैं तो वहीं अंकों को लेकर स्कूल और स्टूडेंट्स कशमश में हैं। प्राइवेट स्कूलों ने परिणाम बेहतर दिखाने के लिए और पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए एडिशनल विषय के नंबरों को जोड़ा है, जो कि सरकारी स्कूलों में 11वीं एडमिशन के समय परेशानी बढ़ा सकता है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा किए गए गोलमाल पर दैनिक जागरण ने सीबीएसई पंचकूला रीजन के रीजनल डायरेक्टर और परीक्षा परिणाम विशेषज्ञ विजय यादव से बात की। इस खास बातचीत के दौरान विजय यादव ने परीक्षा परिणाम को लेकर विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। 

प्राइवेट स्कूलों ने स्टूडेंट्स के हिंदी विषय के नंबरों को छोड़कर एडिशनल विषय के अंक जोड़े हैं जिसके बाद स्टूडेंट्स का परिणाम 99.4 या 99.6 होने के बजाये 99.8 फीसद तक हो गया है। 

इस सवाल के जवाब में रीजनल डायरेक्टर और परिणाम विशेषज्ञ विजय यादव ने बताया कि हिंदी और इंग्लिश विषय दसवीं कक्षा के लिए अनिवार्य हैं। दोनों ही विषय मुख्य पांच विषयों में सम्मलित होंगे। यदि प्राइवेट स्कूल या फिर कोई भी स्कूल हिंदी विषय को छोड़कर इंग्लिश या फिर इंग्लिश को छोड़ अतिरिक्त विषय के नंबर को जोड़ रहा है तो वह पूरी तरह से गलत है। मैथ, सोशल स्टडी और साइंस विषय को अतिरिक्त विषय के साथ रिप्लेस किया जा सकता है। 

गलत नंबर जोड़ने से स्टूडेंट्स को क्या फायदा होगा 

हिंदी और इंग्लिश विषय को छोड़कर यदि अन्य तीन में से किसी एक विषय के नंबर को रिप्लेस किया जाता है तो 11वीं एडमिशन में फायदा मिल सकता है। स्टूडेंट्स ने यदि मेडिकल, नान मेडिकल, कामर्स में पढ़ाई करनी है तो सोशल स्टडी या फिर रीजनल लैंग्वेज के नंबरों का कोई मतलब नहीं रहेगा। ऐसे में स्टूडेंट्स उन विषयों के नंबर बदलकर एडिशनल विषय के नंबर दर्शा सकता है, जिसके आधार पर सेंट्रलाइज एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.