चंडीगढ़ की मार्केट एसोसिएशन ने पुलिस जवानों को किया सम्मानित, बोले- ये रियल फ्रंटलाइन वारियर्स

ड्यूटी के दौरान पुलिस जवानों को सम्मानित करते सेक्टर-32/33 मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी।

सेक्टर-32/33 मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चंडीगढ़ पुलिस के जवानों को सम्मानित किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह हमारे रियल फ्रंटलाइन वारियर हैं। क्योंकि इस मुश्किल घड़ी में यह हमारे लिए सड़कों पर ड्यूटी निभा रहे हैं।

Ankesh ThakurSun, 09 May 2021 04:42 PM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। सेक्टर-32/33 मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सेक्टर-34 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार सहित स्थानीय बीट पुलिस को कोरोना काल में बेहतर पब्लिक डिलिंग और सुविधा मुहैया करवाने के लिए सम्मानित किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी हमारे रियल फ्रंटलाइन वारियर्स हैं। इस दौरान एसोसिएशन के प्रधान जगदीप महाजन, श्याम सिंह, विभा सिंह, रामपाल रविंद्र नाथ, इंदू वर्मा, पीएल पासी, अनुज शर्मा, अनुराग गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

एसोसिएशन के प्रधान जगदीप महाजन ने कहा कि करोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एसोसिएशन कि यह सोच है कि हम अपने फ्रंटलाइन वारियर्स की हौसला अफजाई के लिए कुछ करें। इसी  मुहिम के अंतर्गत एसोसिएशन ने मास्क व सेनिटाइजर वितरित करने के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इसके लिए सेक्टर एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के साथ सेक्टर 34 थाना प्रभारी राजीव कुमार से मिले और जो पुलिसकर्मी  शहरवासियों के लिए 24 घंटे ड्यूटी निभा रहे हैं, उनके कार्य क्षेत्र और दिन रात की अथक मेहनत को कोई सम्मानित करने का फैसला लिया गया।

पूर्व पार्षद सौरभ जोशी ने की शहरवासियों को राहत देने का किया अनुरोध

नगर निगम के पूर्व पार्षद सौरभ जोशी ने शनिवार को नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर माहामारी के इस दौरान में बिजली-पानी के बिल, स्कूल फीस के अलावा प्रॉपर्टी टैक्स छूट देकर राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोगों की आय और सैलरी दोनों में कटौती हो रही है। जिस वजह से उन पर से आर्थिक बोझ कम किया जाए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों के बीजली और पानी के बिलों में 50 फीसद की कटौती की जाए। दाेनों की बिल में राशि बढ़ कर आ रही हैं। जिससे लोगों पर इसका ओर ज्यादा अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, इसलिए इसमें कटौती हो। प्रापर्टी और हाउस टैक्स में भी 50 फीसद की कटौती की जाए। शहर के प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिए जाए कि वो स्टूडेंट्स से मासिक फीस, स्कूल बिल्डिंग मैनटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के चार्ज न वसूले। प्रावइेट स्कूलों की ओर से अभिभावकों को बढ़ी दरों के साथ फीस जमा करने का मैसेज आ रहे हैं।

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