ऑनलाइन पॉलिसी के नाम पर चंडीगढ़ की महिला से 41 लाख की ठगी, जिला अदालत में चलेगा केस

शिकायत में महिला ने बताया था कि दोनों आरोपितों ने इंश्योरेंस बोनस के नाम पर उसे फोन कर अपने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 41 लाख रुपये जमा करवाए थे। कुछ दिनों दोनों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए।

Ankesh ThakurSat, 23 Oct 2021 11:35 AM (IST)
मामले में दोनों आरोपित दिल्ली के रहने वाले हैं।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर की महिला के साथ ऑनलाइन पॉलिसी के नाम पर लाखों रुपये का फ्राड मामले में जिला अदालत में दिल्ली के दो आरोपित आशीष गुप्ता और शिवनाथ पर केस चलेगा। दोनाें आरोपितों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत चार्जशीट फाइल की है। इन दोनों के खिलाफ बलजीत कौर ने शिकायत दी थी।

शिकायत में महिला ने बताया था कि दोनों आरोपितों ने इंश्योरेंस बोनस के नाम पर उसे फोन कर अपने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 41 लाख रुपये जमा करवाए थे। कुछ दिनों दोनों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। शिकायत के बाद दोनों नंबरों की कॉल डिटेल निकलवा कर पुलिस दो महीने पहले दिल्ली के रानी बाग निवासी आशीष गुप्ता और रोहिणी निवासी शिवनाथ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह मोबाइल नंबरों पर फोन कर के लोगों को अलग-अलग पॉलिसी का झांसा देकर ठगी करते थे।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में यह भी कहा कि यह दोनों आरोपित न केवल चंडीगढ़ बल्कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी ऑनलाइन ठगी की है। पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है और उम्मीद है कि दोनों आरोपितों से ऑनलाइन फ्रॉड के कई मामलों को सुलझाने में सफलता मिल सकती है। दोनों आरोपित जेल में है और पुलिस मामले की जांच करने के लिए आरोपितों को प्रोडेक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर सकती है।

मोहाली में छात्रों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाली इमीग्रेशन कंपनी का मालिक गिरफ्तार

मोहाली में विदेश भेजने के नाम पर छात्रों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मटौर थाना पुलिस ने फेस-3बी2 स्थित पॉल इंटरनेशनल एजुकेशन इमीग्रेशन कंपनी के संचालक शरबजीत सिंह गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी लखबीर सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि फेस-3बी2 स्थित एक इमीग्रेशन कार्यालय में विदेश भेजने के एवज में छात्रों से धोखाधड़ी की जा रही है। इसके आधार पर शुक्रवार को लखबीर सिंह ने टीम के साथ इमीग्रेशन कार्यालय में दबिश की। इस दौरान पुलिस ने पाया कि इमीग्रेशन का काम करने वाले शरबजीत के पास इमीग्रेशन लाइसेंस ही नहीं है। दबिश के दौरान पुलिस ने उनके कार्यालय से कुछ विदेशी इमीग्रेशन से संबंधित दस्तावेज, जाली मोहर व अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। पुलिस जांच कर रही है कि अभी तक कितने लोगों के साथ और कितने पैसों का फ्राड हुआ है।

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