चंडीगढ़ में अगले साल चलेगी ट्रैफिक लाइट्स पर लगी स्क्रीन, चालक को पहले ही मिल जाएगी जाम की जानकारी

चंडीगढ़ की की ट्रैफिक लाइट्स के साथ जो नए कैमरे और स्क्रीनिंग लगाने का काम हो रहा है। असल में यह काम स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के तहत आ रहा है। अगले साल तक यह नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी।

Vikas_KumarTue, 22 Jun 2021 10:57 AM (IST)
चंडीगढ़ में ट्रैफिक लाइट्स के साथ जो नए कैमरे और स्क्रीनिंग लगाने का काम हो रहा है।

चंडीगढ़, जेएनएन। शहर की ट्रैफिक लाइट्स के साथ जो नए कैमरे और स्क्रीनिंग लगाने का काम हो रहा है। असल में यह काम स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के तहत आ रहा है। अगले साल तक यह नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिसके तहत चालक को पहले ही पता लग जाएगा कि आगे जाम की स्थिति है यह नहीं। इसे देखकर चालक दूसरे रास्ते पर जा सकेगा। इसके साथ ही जो स्क्रीनिंग लगी है उसमे पब्लिक को गाइड करने के लिए कई जानकारियां भी डिस्पले होगी।

इस काम के लिए कंपनी की ओर से ओपटिकल फाइबर डालने का काम शुरू हो गया है। इस स्क्रीनिंग में अगर शहर में काई बड़ा इवेंट होगा उसकी भी जानकारी डिस्प्ले होगी। स्मार्ट सिटी की ओर से यह टेंडर बेल कंपनी को अलॉट किया गया है। सेंटर बनाने के लिए बेल कंपनी को 295 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा रहा है।कंपनी ही इस सेंटर को बनाने के लिए शहर में फाइबर बिछाएगी। सबसे पहले फाइबर बिछाने का काम ही शुरू हो गया है। शहर में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे भी बेल कंपनी ही लगा रही है।

शहर के इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सेफ्टी सिटी यानी सेफ सिटी और सिटीजन चार्टर की सर्विसेज जुड़ेंगी। कैमरों और सर्विस के लिए 201 किलोमीटर फाइबर केबल बिछ रही है। शहर में सुरक्षा के लिहाज से 943 फिक्स कैमरे लगाए जा रहे हैं।

केबल बिछाकर इसे इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।

शहर में 201 किलोमीटर अंडर ग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाकर इसे इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। शहर वासियों की सुरक्षा के लिए 943 सर्विलांस कैमरा लगेंगे। इन्हें मार्केट्स, सरकारी स्कूल, अस्पताल, पार्कों और कम्युनिटी सेंटर में लगाया जाएगा। इसके अलावा 288 सर्विलांस कैमरे शहर के वॉटर व‌र्क्स और ट्यूबवेल पर लगेंगे। शहर की 40 ट्रैफिक लाइट या लोकेशन पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन (एएनपीआर), रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) और ओवर स्पीड डिटेक्शन सिस्टम (ओएसडीएस) 747 कैमरा लगने हैं। यह है सेंटर के निर्माण का उद्देश्य

40 महत्वपूर्ण जंक्शन पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम

40 महत्वपूर्ण जंक्शन पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) पर कैमरा के जरिये ई-चालानिग होगी। इनकी पकड़ में आने वाले व्हीकल वॉयलेटर के घरों पर अगले दो दिन में चालान पहुंचेगा। पहले कमांड कंट्रोल सेंटर से एनआइसी से लिक होगा। गाड़ी के मालिक को लोकेट करके पुलिस कंट्रोल रूम के जरिये चालान घर पर भेजा जाएगा। इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से शहर की बिजली-पानी जुड़ेगी। इससे बिजली-पानी चोरी और ओवर बिलिग की रिपोर्ट इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर पर पहुंचेगी।इस प्रोजेक्ट के लिए बेल कंपनी को 15 माह का समय दिया गया है। इस प्रोजेक्ट का रखरखाव भी पांच साल के लिए बेल कंपनी ही करेगी।

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