Chandigarh: गाड़ी की बैंक किस्त देने से बचने के लिए किया गजब का फर्जीवाड़ा, फिर भी पकड़ा गया

व्यक्ति वाहन की इंस्टालमेंट बैंक को नहीं दी इसके बाद उसके वाहन को उठाने के लिए बैंक की तरफ से कॉल आना शुरू हो गए। व्यक्ति ने ऐसा जुगाड़ लगाया कि ताकि उसके वाहन को बैंक उठा न सके।

Ankesh ThakurPublish:Sat, 27 Nov 2021 11:31 AM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 11:31 AM (IST)
Chandigarh: गाड़ी की बैंक किस्त देने से बचने के लिए किया गजब का फर्जीवाड़ा, फिर भी पकड़ा गया
Chandigarh: गाड़ी की बैंक किस्त देने से बचने के लिए किया गजब का फर्जीवाड़ा, फिर भी पकड़ा गया

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। वाहन खरीदने के बाद बैंक किस्त जमा नहीं कराने पर बैंक वाहन को रिकवर कर लेता है। पहले बैंक की तरफ से वाहन मालिक को कॉल कर किस्त जमा करवाने के लिए सूचित किया जाता है, लेकिन फिर भी इंस्टालमेंट जमा न करवाने पर वाहन को बैंक उठा लेता है। चंडीगढ़ में बिल्कुल ऐसा ही एक मामला सामने आया है। एक व्यक्ति वाहन की इंस्टालमेंट बैंक को नहीं दी, इसके बाद उसके वाहन को उठाने के लिए बैंक की तरफ से कॉल आना शुरू हो गए। व्यक्ति ने ऐसा जुगाड़ लगाया कि ताकि उसके वाहन को बैंक उठा न सके। हालांकि उसकी यह तरकीब काम न आई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बैंक की किस्त जमा न करने के बाद बैंक की रिकवरी से बचने के लिए व्यक्ति ने टेम्पो ट्रैवलर पर फर्जी नंबर लगा दिया। वह जाली नंबर लगाकर ही वाहन को लेकर शहर की सड़कों पर दौड़ता रहा। आरोपित को मौली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान मौली कांप्लेक्स के संदीप सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने टेम्पो ट्रैवलर को जब्त कर आरोपित को जमानत पर छोड़ दिया है।

पुलिस के अनुसार गांव दड़वा की बलविंदर कौर ने पुलिस को शिकायत दी कि कुछ महीने पहले उन्होंने अपना टेम्पो ट्रेवलर संदीप को बेचा था। उस समय उन दोनों में तय हुआ था कि टैम्पो ट्रैवलर की बैंक की बकाया किस्त संदीप जमा करवाएगा। लेकिन महिला से टेम्पो ट्रैवलर खरीदने के बाद उसने बैंक की किस्त जमा ही नहीं करवाई। इसके बाद बैंक ने बलविंदर कौर से संपर्क किया और उसे बकाया राशि जमा करवाने के लिए कहा।

यह जानकर बलविंदर कौर ने इसकी शिकायत मौली थाना पुलिस को दी। थाना पुलिस ने तुरंत आरोपित संदीप के खिलाफ मामला दर्ज उसे मौलीजागरां से टेम्पो ट्रैवलर सहित गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित संदीप ने बलविंदर कौर से टेम्पो ट्रैवलर खरीदने के बाद से बैंक को किस्त जमा नहीं करवाई। बैंक से वाहन की रिकवरी से बचने के लिए उसने टेम्पो ट्रैवलर पर जाली नंबर प्लेट लगा दी थी, ऐसा करके वह कई दिन से वाहन की रिकवरी के बच रहा था।