चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: सीनियर नेताओं के कंधों बड़ी जिम्मेदारी, चुनाव में जीत तय करेगी इनका राजनीतिक भविष्य

इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच मुख्य तौर पर त्रिकोणा मुकाबला है। तीनों दलों में कई बड़े नेता हैं जिनके कंधों पर चुनाव में अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी भी है।

Ankesh ThakurPublish:Tue, 23 Nov 2021 01:51 PM (IST) Updated:Tue, 23 Nov 2021 01:51 PM (IST)
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: सीनियर नेताओं के कंधों बड़ी जिम्मेदारी, चुनाव में जीत तय करेगी इनका राजनीतिक भविष्य
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: सीनियर नेताओं के कंधों बड़ी जिम्मेदारी, चुनाव में जीत तय करेगी इनका राजनीतिक भविष्य

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव की घोषणा के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। यह चुनाव कई सीनियर नेताओं का अगला राजनीतिक भविष्य तय करेगा। इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच मुख्य तौर पर त्रिकोणा मुकाबला है। तीनों दलों में कई बड़े नेता हैं, जिनके कंधों पर चुनाव में अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी भी है। ऐसे में कई नेताओं की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर लगी है। जो कि उनकी भविष्य की राजनीति तय करेगी।

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव है, इसलिए भी इस चुनाव की अहमियत ज्यादा बढ़ गई है। इससे पहले हर बार चुनाव में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होता था, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के चुनाव मैदान में आने से मुकाबला ज्यादा रोमांचक हो गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला, आप संयोजक प्रेम गर्ग और भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद के नेतृत्व में यह पहला नगर निगम चुनाव है ऐसे में ये तीनों वरिष्ठ नेता अपनी पार्टी की ज्यादा ज्यादा सीट जीताकर हाईकमान में अपनी धाक और कद बढ़ाना चाहते हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के अध्यक्ष अनुभवी हैं और वह दोनों नगर निगम के मेयर रह चुके हैं। कांग्रेस में अध्यक्ष सुभाष चावला के अलावा पूर्व केद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल और पार्टी प्रभारी हरीश रावत की प्रतिष्ठा दांव पर है। उम्मीदवार तय करने में बंसल की अहम भूमिका रहेगी।

भाजपा में अध्यक्ष अरुण सूद के अलावा पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन के अलावा पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और सांसद किरण खेर की प्रतिष्ठा दांव पर है। हालांकि सांसद किरण खेर खुद चुनाव प्रचार के लिए नहीं आ रही हैं वह वर्चुअल ही रैलियों और कार्यक्रम के साथ जुड़ेंगी।

आम आदमी पार्टी में अध्यक्ष प्रेम गर्ग के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन, सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा और चुनाव प्रभारी चंद्रमुखी शर्मा पर पार्टी को जीत दिलवाने की जिम्मेदारी है। कांग्रेस, भाजपा और आप के अध्यक्ष चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े का कहना है कि चंडीगढ़ में 24 दिसंबर को चुनाव है जोकि अटल जी की जयंती से एक दिवस पूर्व हैं। इसलिए निगम चुनाव में सभी सीटें जीतकर अटल जी को हम सच्ची श्रद्धांजलि देंगे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि हमारे लिए भी ये खुशी का मौका है। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, तावड़े का राष्ट्रीय महामंत्री बनना सौभाग्य की बात है।