चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: गांवों में लाल डोरे का मामला फिर गरमाया, कांग्रेस ने मेयर और सांसद पर साधा निशाना

नगर निगम में डेढ़ साल पहले 13 गांवों को यह कह कर शामिल किया गया था कि इन गांवों में सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एक समिति का भी गठन किया था।

Ankesh ThakurSun, 28 Nov 2021 11:44 AM (IST)
चंडीगढ़ के गांवों में लाल डोरे को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सतीश कैंथ ने प्रशासक को पत्र लिखा है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर लाल डोरे का मामला गरमाने लगा है। कांग्रेस प्रवक्ता व पार्षद सतीश कैंथ ने प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित को पत्र लिखकर लाल डोर से बाहर बने निर्माण को रेगुलर करने का मामला उठाया है। कैंथ ने कहा है कि शहर में 22 गांव हैं जहां पर हजारों मकान बने हुए हैं। यह सभी गांव अब नगर निगम में शामिल हो चुके हैं। यहां पर लोगों ने अपनी जरूरत के अनुसार घरों को लाल डोरे के बाहर बनाया है। 

नगर निगम में डेढ़ साल पहले 13 गांवों को यह कह कर शामिल किया गया था कि इन गांवों में सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एक समिति का भी गठन किया था जो लाल डोरे के बाहर बने मकानों का सर्वे करेगी। यह भी निर्णय लिया गया था कि जो समिति के सुझाव होंगे उनको देखा जाएगा, लेकिन समिति का कोई अता पता नहीं है।

कैंथ ने कहा कि पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा और सांसद किरण खेर ने भी लाल डोरे के बाहर बने निर्माण को रेगुलर करने का वायदा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। आज गांवों में न नगर निगम और न ही प्रशासन की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही।  यह सारे वायदे भाजपा के द्वारा किए गए। जिससे अब लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

कैंथ ने पत्र में प्रशासक से गांव के लोगों से गारबेज कलेक्शन चार्जेस न लेने की भी मांग की है। कैंथ ने कहा कि नगर निगम मेयर ने भी ऐसे कई उद्घाटन गांवों के विकास के लिए किए जो कि एक चुनावी स्टंट था। इन गांवों के प्रतिनिधियों को जल्द बुलाकर एक मीटिंग करें और स्पष्ट करें कि क्या उनको नियमित किए जाने की कोई पालिसी बनाई जा रही या नहीं।

बता दें कि हर चुनाव से पहले लाल डोरे से बाहर बने निर्माण का मामला गरमाता है। इस समय गांव वालों से गारबेज कलेक्शन चार्जेस लिए जा रहे हैं। आज कोई विकास का काम गांवों में नहीं हो रहा जबकि लोग परेशान किए जा रहे हैं। कैंथ ने कहा कि पवन बंसल ने सांसद रहते हुए गांव हल्लोमाजरा दीप कांप्लेक्स और गांव कजेहड़ी में टाइल, सड़क, सीवरेज स्टॉर्म के कार्यों की शुरुआत की थी। भाजपा ने नगर निगम में आते ही और सांसद किरण खेर ने गांवों का विकास रोक दिया। गांव के लोगों को लॉलीपोप दिया गया कि उनके मकान नियमित कर दिए जाएंगे। कैंथ ने प्रशासक से आग्रह किया कि वह गांवों की हालत को देखते हुए जल्द इनका हल निकालें।

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