चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव का शेड्यूल जारी, शहर में आज से आचार संहिता लागू, 24 दिसंबर को मतदान

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव शहर में नगर निगम चुनाव को लेकर आज से आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। नगर निगम चुनाव के लिए 24 दिसंबर को मतदान होगा।

Ankesh ThakurMon, 22 Nov 2021 11:43 AM (IST)
चंडीगढ़ चुनाव आयोग ने नगर निगम चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: शहर में आज से नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है। शहर में आज से आचार संहिता लागू हो गई है। चंडीगढ़ चुनाव आयोग ने दोपहर 12 बजे यूटी गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता बुलाई थी, जिसमें चुनाव को घोषणा कर दी गई है।

नगर निगम चुनाव के लिए 24 दिसंबर को मतदान होगा। ऐसे में 27 नवंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो कि 4 दिसंबर तक चलेगी। चुनाव का शेड्यूल जारी होने से शहर में आज से आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने से सभी विकास के काम रुक जाएंगे। कोई भी नया काम शुरू नहीं हो पाएगा। चुनाव का शेड्यूल जारी होने के बाद अगले एक माह तक शहर में राजनीतिक कार्यक्रम होंगे। रैली, रोड शो के जरिये सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे।

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर घोषणा

27 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा नॉमिनेशन। 9 दिसंबर तक नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। 24 दिसंबर को होगा मतदान। 27 दिसंबर को होगी मतगणना। आज से शहर में कोड ऑफ कंडक्ट लागू। पांच लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी चुनाव आयोग ने इस बार मोबाइल एप तैयार किया है। वोटर्स किसी भी तरह की जानकारी इस एप से ले सकेंगे। कमीशन चुनाव को लेकर कंट्रोल रूम बनाएगा। इस बार कुल 35 वार्डों पर होगा चुनाव। शहर में कुल 6 लाख 90 हजार वोटर हैं।

सभी राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों पर मंथन शुरू कर दिया है। इस माह के अंत में सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। इस बार शहर में कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणा मुकाबला है। आप पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम का चुनाव लड़ रही है। पंजाब विधानसभा से पहले नगर निगम चुनाव को सेमीफाइनल बताया जा रहा है। दावेदारों ने टिकट के लिए जोर लगाया हुआ है। उम्मीदवार तय करने के बाद सभी दलों में बगावत भी होगी। नाराज नेता निर्दलीय तौर पर उतरने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही दल बदल की राजनीति भी सक्रिय हो जाएगी।

मालूम हो कि जिस पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद जीतेंगे, मेयर उसका ही बनेगा। नगर निगम के नए कार्यकाल के लिए पहला साल मेयर का पद महिला के लिए रिजर्व है। नगर निगम के अनुसार चुनाव आचार संहिता के दौरान जो काम पास हो चुका हैं उसका टेंडर लगने के बाद वह काम शुरू हो सकते हैं। जबकि कोई नया काम पास नहीं हो सकता है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.