दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

देखें चंडीगढ़ का हाल, बाल कल्याण के दर्जनों विभाग, फिर भी 100 से ज्यादा बच्चे कूड़ा बीनकर पाल रहे पेट

चंडीगढ़ स्थित डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा बीनते हुए बच्चे। जागरण

100 से ज्यादा ऐसे बच्चे हैं जो दिन भर डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा छांटते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग अपना बॉयो मेडिकल बेस्ट भी इसी कूड़े में फेंक देते हैं उसे भी यह बच्चे बिना किसी सुरक्षा के छांटते रहते हैं।

Pankaj DwivediTue, 18 May 2021 01:46 PM (IST)

चंडीगढ़, [विकास शर्मा]। बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की वजह से प्रशासन ने एक बार फिर किश्तों में लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया है। दुकानें और शोरूम बंद हैं। इनके बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत उन कूड़ा छांटने वाले बच्चों को आ रही है, जो दिन भर बाजारों में जाकर कूड़ा उठाते थे और उसे शाम को बेचकर खाना खाते थे। इन लोगों के पास न तो घर है और न खाने-पीने की कोई व्यवस्था है। दूसरी और चंडीगढ़ में बाल कल्याण से जुड़े दर्जनों विभाग हैं। बावजूद इसके उनका जमीनी स्तर पर कोई काम होता दिख नहीं रहा है। 

सौ से ज्यादा बच्चे दिनभर डपिंग ग्राउंड में छांटते हैं कूड़ा

एनजीओ युवासत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से गुहार लगाई है कि इस मुश्किल समय में इन बच्चों की मदद के लिए कोई प्रबंध किया जाए। प्रमोद ने अपने पत्र में बताया कि 100 से ज्यादा ऐसे बच्चे हैं, जो दिन भर डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा छांटते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग अपना बॉयो मेडिकल बेस्ट भी इसी कूड़े में फेंक देते हैं, उसे भी यह बच्चे बिना किसी सुरक्षा के छांटते रहते हैं।

ये बच्चे सारा दिन इसी कूड़े के ढ़ेर पर खेलते और कूड़ा बीनते रहते हैं और शाम को इसी कूड़े से निकले सामान को बेचकर रोटी खाते हैं। प्रमोद ने कहा कि उन्होंने इन बच्चों की फोटो चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स पीपल को भेजी, वहां से अन्य विभागों को नोटिस भेजा गया लेकिन इन बच्चों के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इसलिए प्रशासक इसे गंभीरता से लेते हुए इनके पढ़ने-लिखने और खाने की व्यवस्था करवाएं।

संयुक्त कमेटी बनाकर बनाई जाए इनके भविष्य के लिए योजना

डड्डूमाजरा डंपिंग साइट ज्वांइट एक्शन कमेटी के चेयरमैन दयाल कृष्ण ने प्रशासक को सुझाव देते हुए अपील की है कि वह इस बाबत सीसीपीसीआर, सीडब्लयूसी, एसएलएसए, सोशल वेलफेयर, वोकेशनल एजुकेशन, एजुकेशन, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट, चंडीगढ़ पुलिस और सीपीसीसी की एक संयुक्त कमेटी बनाए। यह कमेटी मिलकर इन बच्चों के भविष्य को लेकर एक योजना बनाए और उसे जमीनी स्तर पर लागू करवाए, ताकि इन बच्चों के चेहरे पर भी मुस्कान आ सके।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.