पंजाब-हरियाणा से कम हुआ चंडीगढ़ का GST कलेक्शन, इस महीने भरपाई में जुटा प्रशासन

चंडीगढ़ में फरवरी माह का जीएसटी कलेक्शन पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है।

चंडीगढ़ में साल 2020 के फरवरी माह में जीएसटी कलेक्शन 173 करोड़ रुपये थी जो अब वर्ष 2021 फरवरी में कम होकर 148 करोड़ रुपये रह गया है। दूसरी ओर पंजाब और हरियाणा में छह फीसद से अधिक की बढ़ोती दर्ज की गई है।

Vikas_KumarTue, 02 Mar 2021 02:15 PM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के मामले में पंजाब और हरियाणा इस बार चंडीगढ़ से आगे हैं। चंडीगढ़ में पिछले वर्ष फरवरी माह के मुकाबले इस वर्ष फरवरी में जीएसटी कलेक्शन घटा है। जबकि पंजाब और हरियाणा में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। चंडीगढ़ में 14 फीसद की कटौती हुई है। वर्ष 2020 के फरवरी माह में जीएसटी कलेक्शन 173 करोड़ रुपये थी जो अब वर्ष 2021 फरवरी में कम होकर 148 करोड़ रुपये रह गया है।

वहीं पंजाब और हरियाणा में छह फीसद से अधिक की बढ़ोती दर्ज की गई है। यूटी प्रशासन के रेवेन्यू में कटौती होने से सवाल उठने लगे हैं। इसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। यह तब है जब लॉकडाउन कर्फ्यू के बाद सभी तरह की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। अब किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। पिछले साल त्योहारों के बाद से ही लगातार हर सेक्टर में तेजी है। मैन्यूफेक्चरिंग से लेकर सर्विस सेक्टर सब में काम की रफ्तार तेजी हुई है। लेकिन इस तेजी का फायदा रेवेन्यू कलेक्शन में नहीं मिल रहा है।

अब फरवरी की भरपाई मार्च से करने की तैयारी हो रही है। अधिकारी इस पर मंथन कर रहे हैं। रेवेन्यू आखिर क्यों घटा इस पर चर्चा हो रही है। यह देखा जा रहा है कि इसे अब बढ़ाया कैसे जाए। किस वार्ड में रेवेन्यू कम रहा और क्यों रहा इसे देखा जा रहा है। टैक्स चोरी रोकने के लिए सर्वे पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रैंडम चैकिंग भी होगी। जिससे टैक्स चोरी को कम किया जा सके। इससे पहले चंडीगढ़ में जीएसटी कलेक्शन दूसरे राज्यों से बेहतर रहता था। लेकिन अब इसका घटना चिंता की बात है।

 

 

 

 

 

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