चंडीगढ़ के आर्टिस्ट वरुण की कलाकारी, उड़न सिख मिल्खा सिंह के जन्मदिन पर बनाया खास प्रोट्रेट, Photos

पोट्रेट के बारे में वरुण ने बताया कि इसे बनाने के लिए उन्होंने चूने का इस्तेमाल किया है। जिस वजह से इसे प्रोट्रेट बनाते हुए उनके हाथ बुरी तरह से जल गए लेकिन वो मिल्खा सिंह के जन्मदिन पर उन्हें कुछ इसी तरीके से श्रद्धांजलि देना चाहते थे।

Ankesh ThakurSat, 20 Nov 2021 03:44 PM (IST)
आर्टिस्ट वरुण टंडन ने सेक्टर -10 स्थित डीएवी कालेज में उड़न सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह का प्रोट्रेट बनाया है।

विकास शर्मा, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के आर्टिस्ट वरुण टंडन ने सेक्टर -10 स्थित डीएवी कालेज में उड़न सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह का प्रोट्रेट बनाकर उनके जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस प्रोट्रेट की खास बात यह है कि यह 38 फीट लंबा और 16 चौड़ा है, जिसे वरुण ने 10 दिनों की मेहनत से बनाया है।

पोट्रेट के बारे में वरुण ने बताया कि इसे बनाने के लिए उन्होंने चूने का इस्तेमाल किया है। जिस वजह से इसे प्रोट्रेट बनाते हुए उनके हाथ बुरी तरह से जल गए, लेकिन वो मिल्खा सिंह के जन्मदिन पर उन्हें कुछ इसी तरीके से श्रद्धांजलि देना चाहते थे। इस दौरान डीएवी कालेज के प्रिंसिपल पवन शर्मा, प्रो. रविंद्र चौधरी, स्पोर्ट्स डायरेक्टर तेजदीप सेनी, चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन ने भी पुष्पांजलि देकर मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी। बता दें इसी साल मिल्खा सिंह का कोरोना होने के बाद शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों की वजह से पीजीआइ में इलाज के दौरान देहांत हो गया था।

वरुण ने पोट्रेट बनाने के लिए चूने का इस्तेमाल किया है।

वरुण इससे पहले भी बना चुके हैं कई बड़ी हस्तियों के प्रोट्रेट

वरुण ने बताया कि वह इससे पहले भी कबूतर के पंख पर मिल्खा सिंह का प्रोट्रेट बना चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ओलिंपिक गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा, पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर, वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर एथलीट मान कौर व परमवीर चक्र विजेता विक्रम बत्रा का भी प्रोट्रेट बनाया है। वह यह सब शौकिया तौर पर करते हैं, उन्होंने बताया कि उन्हें काफी अच्छा लगता है जब लोग उनके प्रोट्रेट को सहारते हैं।

मिल्खा सिंह के पोट्रेट के साथ आर्टिस्ट वरुण टंडन।

मिल्खा सिंह रहेंगे हमेशा खिलाड़ियों की प्ररेणा के स्रोत – तेजदीप सैनी

स्पोर्ट्स डायरेक्टर तेजदीप सिंह सैनी ने बताया कि उड़न सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह हमेशा खिलाड़ियों के लिए प्ररेणा के स्त्रोत रहेंगे। आज चाहे वह हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्षपूर्ण जीवन हमेशा हमें प्ररेणा देता रहेगा। मिल्खा सिंह ने बचपन से मुश्किलों का दौर देखा, लेकिन वह टूटे नहीं। देश दुनिया में तिरंगे की शान को बढ़ाया।

संघर्षशील के लिए मिल्खा सिंह सबसे बड़ा उदाहरण- पवन शर्मा

डीएवी कॉलेज के प्रिसिंपल पवन शर्मा ने बताया कि हमारा फोकस हमेशा खेलों व खिलाड़ियों को प्रमोट करने में लगा रहता है। इसी कड़ी में आज कॉलेज में उड़न सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह की 92वीं जयंती मनाई गई। उन्होंने कहा कि हर संघर्षशील के लिए मिल्खा सिंह प्ररेणास्त्रोत रहेंगे।

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