चंडीगढ़ में बेहतर हो रही Covid-19 स्थिति, पीयू कैंपस में स्टूडेंट्स की एंट्री पर अगले सप्ताह होगा निर्णय

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने भी अब अनलाॅक प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र संगठनो के कड़े विरोध के बाद पीयू प्रशासन ने भी अब अलग-अलग फेज में कैंपस खोलने की तैयारियों पर काम करना शुरू कर दिया है।

Pankaj DwivediFri, 18 Jun 2021 01:51 PM (IST)
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी का इंटरनेशनल हॉस्टल। फाइल फोटो।

चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस को खोलने की तैयारी पर पीयू प्रशासन ने मंथन करना शुरू कर दिया है। बीते करीब डेढ़ साल से कोरोना महामारी के कारण पीयू कैंपस पूरी तरह से बंद है। अभी तक सिर्फ कुछ रिसर्च स्काॅलर को ही कैंपस में कोरोना की दूसरी लहर से पहले तक एंट्री दी जा रही थी। एक महीना पहले कोरोना के मामले बढ़ने के बाद कैंपस को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले अब रुटीन में सौ से कम हो चुके हैं। यूटी प्रशासन ने भी अब अनलाॅक प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र संगठनो के कड़े विरोध के बाद पीयू प्रशासन ने भी अब अलग-अलग फेज में कैंपस खोलने की तैयारियों पर काम करना शुरू कर दिया है। 

सूत्रों के अनुसार पीयू कुलपति के निर्देश पर कैंपस अनलाॅक को लेकर डीयूआइ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने कैंपस खोलने की संभावनाओं पर मंथन के लिए अगले हफ्ते बैठक बुलाई है। अधिकारी भविष्य में पीयू कैंपस में पढ़ाई के माहौल को फिर से तैयार करने के लिए रिपोर्ट तैयार करेंगे। मामले में कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को देगी।

पहले चरण में रिसर्च स्कॉलर को ही एंट्री

पहले चरण में रिसर्च स्काॅलर को ही कैंपस में एंट्री दी जाएगी। इनमें भी पहले उन रिसर्च स्काॅलर को अनुमति दी जाएगी, जिनका शोध कार्य अंतिम चरण में है। विज्ञान संकायों के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को भी कैंपस में एंट्री देने पर विचार किया जाएगा। इनमें भी फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को वरीयता दी जाएगी। पीयू प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों से भी इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। साथ ही यह भी पूछा है कि विभागों में स्टूडेंट्स को कोरोना संक्रमण से बचाने को लेकर किस तरह की तैयारियां हैं। सभी विभागों को खोलने से पहले उनमें सेनेटाइजेशन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। पीयू के हाॅस्टल में इस समय करीब 400 स्टूडेंट्स को ही रहने की अनुमति मिली हुई है। जबकि पीयू के 20 हाॅस्टल में 6 हजार से अधिक स्टूडेंट्स के रहने की व्यवस्था है।   

डेढ़ साल से 18 हाॅस्टल बंद 

अभी तक पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस पूरी तरह से बंद था। लेकिन बीते दिनों यूटी प्रशासन द्वारा नियमों में छूट के बाद पीयू प्रशासन ने भी कैंपस की मुख्य एसी जोशी और सभी विभागों की लाइब्रेरी खोलने का फैसला लिया है। कर्मचारियों को भी 50 फीसद तक काम पर बुलाना शुरू कर दिया है। पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में भी कोरोना के मामले अब काफी कम हुए हैं, जबकि बीते दो महीने में कैंपस में 300 से अधिक प्रोफेसर,कर्मचारी और दूसरा स्टाॅफ कोरोना से संक्रमित हो चुका है। पीयू के गेस्ट हाउस तो बीते डेढ़ साल से पूरी तरह से बंद हैं। फैकल्टी गेस्ट हाउस को हाल ही में क्वारेंटाइन सेंटर के तौर पर प्रयोग करने की अनुमति मिली है। पीयू का स्टूडेंट सेंटर बीते डेढ़ साल से बंद है। दो हाॅस्टल मैस को छोड़कर सभी 18 हाॅस्टल की मैस भी कोरोना काल से ही बंद पड़ी हैं। कोरोना काल में पीयू प्रशासन को भी कैंपस बंद होने से करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। 

यह भी पढ़ें - पंजाब के कर्मच‍ारियों के लिए खुशखबरी, एक जुलाई से लागू होगा छठा पे कमीशन, आज कैबिनेट में लगेगी मुहर

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.