कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- मुझे हाईकमान से उम्मीद पंजाब में शांति भंग करने वाला कदम नहीं उठाएगी पार्टी

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने राज्य में शांति स्थापित करने के लिए कोई समझौता नहीं किया। राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द्र बना रहा। उनके प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उन्हें उम्मीद है कि हाईकमान कोई ऐसा फैसला नहीं लेगा जिससे पंजाब में शांति भंग हो।

Kamlesh BhattSun, 19 Sep 2021 02:36 PM (IST)
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद चंडीगढ़ में एक तरफ कांग्रेस प्रभारी व पर्यवेक्षक नए सीएम चेहरे की तलाश में हैं तो दूसरी तरफ कैप्टन ने एक बार फिर हाईकमान को नसीहत दी है। कहा कि मेरी व्यक्तिगत पीड़ा के बावजूद मुझे उम्मीद है कि पंजाब कांग्रेस में जो राजनीतिक घटनाक्रम चल रहा है वह यहां कड़ी मेहनत से अर्जित शांति व विकास को बाधा नहीं पहुंचाएगा। जिन प्रयासों पर उन्होंने (कैप्टन ने) ध्यान केंद्रित किया है वह निरंतर जारी रहेंगे। सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।

कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले पांच माह से पंजाब कांग्रेस में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम से व्यथित थे। यह घटनाक्रम पंजाब की चिंताओं के विपरीत थे। कैप्टन ने कहा कि पंजाब के लोग पार्टी हाईकमान की तरफ देख रहे हैं। कैप्टन ने कहा, "मेरी व्यक्तिगत पीड़ा के बावजूद, मुझे आशा है कि इससे राज्य में कड़ी मेहनत से अर्जित शांति और विकास को कोई नुकसान नहीं होगा और पिछले कुछ वर्षों के दौरान मैंने जिन प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया है वह निरंतर जारी रहेंगे। सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करूंगा।'' कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया को लिखे अपने पत्र में कांग्रेस की राज्य ईकाई में राजनीतिक विकास के परिणामस्वरूप पंजाब में अस्थिरता की अपनी आशंका का संकेत दिया था।

साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर अपना व्यक्तिगत संतोष व्यक्त किया। कहा कि एक सीमावर्ती राज्य के रूप में कई भू-राजनीतिक और अन्य आंतरिक सुरक्षा चिंताएं हैं, जिन्हें उन्होंने बिना किसी समझौते के प्रभावी ढंग से संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि राज्य पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं रही। पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव बना रहा। 

पंजाब में कांग्रेस लगभग साढ़े नौ वर्ष तक सीएम रहे। कैप्टन ने सोनिया को लिखा कि उन्होंने साढ़े नौ वर्षों में पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए पूरे दिल से काम किया है। यह उनके लिए बेहद संतोषजनक था क्योंकि न केवल उन्होंने कानून का शासन स्थापित किया और पारदर्शी शासन सुनिश्चित किया, बल्कि राजनीतिक मामलों के प्रबंधन में भी नैतिक आचरण बनाए रखा। 2019 में लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की झोली में 13 में से 8 सीटें डाली। पंजाब चुनाव 2017 में पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करने में पिछले साढ़े चार वर्षों में उनके सामने कई चुनौतियां आई, लेकिन उन्होंने 89.2 फीसद वादों को पूरा किया, जबकि शेष वादों पर कार्य प्रगति पर था।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रभावी तरीके से इसका सामना किया। राज्य में लगभग 55 लाख परिवारों को मुफ्त कैशलेस इलाज का पात्र बनाया गया। बेअदबी के मामलों और उसके बाद 2015 की पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने इसमें कानून सम्मत कार्रवाई की। 

पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों के बारे में बात करते हुए कैप्टन लिखा है कि उनकी सरकार ने कर्ज में राहत दी। उनकी संपत्तियों को कुर्क करने के वैधानिक प्रावधानों को रद किया। पंजाब में नशा तस्करी रोकने के लिए कदम उठाया। रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेले लगाए। 

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