कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- कृषि कानूनों के मुद्दे पर मैं किसानों के साथ, पर कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन की इजाजत नहीं

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह खुद व उनकी सरकार कृषि कानूनों का विरोध करती है और किसानों के साथ है लेकिन वर्तमान समय में किसी को भी कोविड प्रोटकाल का उल्लंघन करने नहीं दिया जा सकता।

Kamlesh BhattSat, 08 May 2021 07:16 PM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि कानूनों के खि़लाफ़ चल रहे किसान आंदोलन को कमजोर करने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि उनकी सरकार खुद भी इन कानूनों का कड़ा विरोध करती है। कैप्टन ने कहा कि राज्य की मौजूदा गंभीर स्थिति के मद्देनज़र किसी भी कीमत पर सप्ताहांत लॉकडाउन और अन्य बन्दिशों का उल्लंघन करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा, ’’जिंदगियां दांव पर लगीं हुई हैं जिनको बचाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है।’’ उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) और भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के नेताओं को इस मुद्दे पर बीते दिन उनकी तरफ से की गई टिप्पणियों को और कोई रंगत न देने की अपील की है। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सप्ताहांत लॉकडाउन का विरोध करने के आह्वान के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को डीजीपी को कहा था कि सप्ताहांत लॉकडाउन की सभी बन्दिशों का सख्ती के साथ पालन करवाएं और किसी भी कीमत पर इसका उल्लंघन करने की आज्ञा न दी जाये।

उन्होंने आज फिर से दोहराया कि किसी को भी लोगों की जान से खेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।मुख्यमंत्री ने कहा कि दो जत्थेबंदियों के नेताओं ने काले खेती कानूनों के खि़लाफ़ चल रहे किसान आंदोलन बारे उनके इरादों पर शंका पैदा करने के लिए उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया।

मुख्यमंत्री ने पूछा, ’’हमारी सरकार किसानों के हितों के खि़लाफ़ कैसे जा सकती है, जबकि मेरी सरकार देश में पहली सरकार थी जिसने केंद्र सरकार के खतरनाक खेती कानूनों को निष्प्रभाव करने के लिए विधानसभा में संशोधन बिल लाए।’’ उन्होंने कहा कि जहां तक केंद्रीय कानूनों का संबंध है, उनकी सरकार स्पष्ट और लगातार इनके खि़लाफ़ है।

कैप्टन ने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही केंद्र की तरफ से लाए खेती कानूनों के खि़लाफ़ लड़ाई में किसानों के साथ खड़ी है और निरंतर खड़ी रहेगी, क्योंकि राज्य सरकार का मानना है कि ये कानून किसानों के अस्तित्व और जीवन के लिए सीधा ख़तरा हैं परन्तु इस समय उनकी सरकार लोगों की जान बचाने पर पूरी तरह केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह यकीनी बनाने के लिए कि सख़्त बंदिशों के साथ कोई परेशानी न हो, उन्होंने डिप्टी कमीश्नरों को रोटेशन अनुसार ग़ैर ज़रूरी वस्तुओं की दुकानों और प्राईवेट दफ्तरों को भी खोलने की आज्ञा दी है।

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