100 एमजी से अधिक कैफीन का सेवन बच्चों के लिए खतरनाक

एक दिन में 100 एमजी से अधिक कैफीन का सेवन बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह कहना है पीजीआइ के पीडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण बंसल का।

JagranMon, 27 Sep 2021 05:47 AM (IST)
100 एमजी से अधिक कैफीन का सेवन बच्चों के लिए खतरनाक

विशाल पाठक, चंडीगढ़।

एक दिन में 100 एमजी से अधिक कैफीन का सेवन बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह कहना है पीजीआइ के पीडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण बंसल का। डॉ. अरुण बंसल ने बताया कि किसी भी बच्चे को दिनभर में 100 एजजी से अधिक कैफीन नहीं देना चाहिए। इसकी वजह से बच्चों में मोटापा, ब्लड प्रेशर और अनिद्रा की बीमारी होती है। खाने-पीने की चीजों के जरिये अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है।

नार्थ जोन पेडिकॉन-2021 में देशभर के पीडियाट्रिशियन की मौजूदगी में डॉ. बंसल ने कहा कि दिनभर में महज एक बार की कॉफी या चाय पीने पर एक बच्चा आराम से 100 एमजी की कैफीन का सेवन कर लेता है। दिनभर में बच्चे कोल्ड ड्रिंक, डाइट कोक आदि ड्रिक के जरिये 100 एमजी से अधिक कैफीन का सेवन कर लेते हैं, जोकि पूरी तरह गलत है। ऐसे में बच्चों के खानपान की गलत आदतें सुधार कर मानसिक और शारीरिक विकास को दुरूस्त किया जा सकता है। लॉकडाउन में बच्चों का बीएमआइ बढ़ा

डॉ. बंसल ने बताया कि बीते एक साल में लॉकडाउन की वजह से बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआइ) में इजाफा हुआ है। यानी लॉकडाउन में बच्चे घर बैठे ओबेसिटी यानी मोटापे का शिकार हुए हैं। बच्चों का लॉकडाउन में बीएमआइ 17.3 से बढ़कर 17.8 तक पहुंच गया। घर में बैठे रहने के कारण और मोबाइल व इंटरनेट की दुनिया में फंस जाने की वजह से बच्चों में इन दिनों चिड़चिड़ापन देखने को मिला रहा है। शारीरिक गतिविधियां बंद होने के कारण बच्चों में अलग-अलग प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जोकि चिता का विषय है। तीन साल की उम्र तक खास केयर जरूरी

डॉ. बंसल ने कहा एक बच्चे के पैदा होने के तीन साल तक उसकी केयर करना बहुत जरूरी है। बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पांच अहम बातें हैं, जिसका हर अभिभावक को जरूर पालन करना चाहिए। नेचरिग केयर : बच्चे को सबसे पहले गुड हेल्थ यानी बच्चे की साफ-सफाई बेहद जरूरी है। न्यूट्रिशियन : बच्चे को जो खाने-पीने को दिया जा रहा है, उससे भरपूर मात्रा में पौष्टिक आहार मिल रहा है या नहीं। सेफ्टी और सिक्योरिटी : बच्चे के प्रति सावधानी और सुरक्षा बरती जा रही है या नहीं। रिस्पॉन्सिव पेरेंटिग : यानी बच्चे के अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या नहीं। अर्ली लर्निंग अपॉ‌र्च्यूनिटी : यानी बच्चे के मानसिक विकास के लिए उसमें सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है या नहीं।

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