कौन हैं इंदु गोस्वामी, जिन्हें चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया सह प्रभारी

Chandigarh Nagar Nigam Chunav इसी साल दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए चंडीगढ़ भाजपा ने चुनाव प्रभारी और सह- प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी और इंदु गोस्वामी को सह-प्रभारी बनाया है।

Ankesh ThakurSat, 16 Oct 2021 11:38 AM (IST)
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति की है।

चंडीगढ़, [अंकेश ठाकुर]। Chandigarh Nagar Nigam Chunav: दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए चंडीगढ़ भाजपा ने जीत की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने चुनाव के लिए प्रभारी और प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं। भाजपा हाईकमान चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए सक्रियता के साथ नजर बनाए हुए है। इसलिए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी और इंदु गोस्वामी को सह-प्रभारी बनाया है।

नियुक्त किए गए प्रभारी और सह प्रभारी नगर निगम चुनाव के लिए रणनीति के साथ-साथ उम्मीदवार तय करेंगे। सह प्रभारी इंदू बाला गोस्वामी हिमाचल की राज्यसभा सांसद हैं। चंडीगढ़ में हिमाचल के मतदाताओं का अच्छा खासा वोट बैंक है। इसलिए गोस्वामी को यह जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा और कांग्रेस हर बार कम से कम चार चार उम्मीदवार ऐसे उतारती हैं जिनका संबंध हिमाचल से होता है। वर्तमान मेयर रविकांत शर्मा का भी संबंध हिमाचल के ऊना जिले से है।

मौजूदा समय में इंदु गोस्वामी हिमाचल की राज्यसभा सांसद हैं।

इंदु ने महिलाओं के लिए की थी पैरवी

राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी लगभग 30 सालों से सक्रिय राजनीति में हैं। भाजपा युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक जीवन का सफर शुरू करने वाली इंदु 1999 में बनी पहली धूमल सरकार में हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा रह चुकी हैं। इसके अलावा पार्टी में और भी कई वरिष्ठ पदों के बाद 2016 में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनी थीं। महिला मोर्चा की अध्यक्षा रहते हुए इंदू गोस्वामी ने विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक महिलाओं को टिकट दिए जाने की पैरवी की थी और इसी की बदौलत भाजपा ने 2017 विधानसभा चुनावों में 10% टिकट महिलाओं को दी थी। मार्च 2020 में इंदू गोस्वामी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं।

इंदु गोस्वामी अविवाहिता हैं, उन्होंने एक बेटी को गोद लिया हुआ है।

इंदु ने शादी नहीं की, बेटी ली गोद

इंदु गोस्वामी अविवाहिता हैं, उन्होंने आज तक शादी नहीं की है। उन्होंने एक बेटी को गोद लिया हुआ है। गोद ली बेटी को परवरिश वह खुद कर रही हैं। इंदु गोस्वामी ने शांता कुमार के गृह क्षेत्र पालमपुर से भाजपा के टिकट से 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा से विधायक रहे और शांता कुमार के करीबी प्रवीण शर्मा को टिकट नहीं दिया गया। इससे नाराज़ प्रवीण ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा है। इस वजह से भाजपा की प्रत्याशी इंदु गोस्वामी चुनाव हार गई थी।

मोदी की करीबी होने के चलते दिल्ली से उनका टिकट फाइनल किया गया था। इंदु साल 2000 से 2003 तक प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष रहीं और 2013-2016 तक भाजपा प्रदेश सचिव भी रहीं। मौजूदा समय में वह हिमाचल से राज्यसभा सांसद हैं।

इंदु साल 2000 से 2003 तक प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष रहीं हैं।

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