चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: AAP नेता प्रेम गर्ग, छाबड़ा और चंद्रमुखी शर्मा लड़ेंगे चुनाव; कांग्रेस-भाजपा पर भी दवाब

आप 26 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है जबकि अभी तक कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाई है। कांग्रेस और भाजपा इसलिए उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही क्योंकि उन्हें पार्टी में बवाल डर भी सता रहा है।

Ankesh ThakurPublish:Wed, 01 Dec 2021 09:56 AM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 09:56 AM (IST)
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: AAP नेता प्रेम गर्ग, छाबड़ा और चंद्रमुखी शर्मा लड़ेंगे चुनाव; कांग्रेस-भाजपा पर भी दवाब
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: AAP नेता प्रेम गर्ग, छाबड़ा और चंद्रमुखी शर्मा लड़ेंगे चुनाव; कांग्रेस-भाजपा पर भी दवाब

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। अगर आम आदमी पार्टी (AAP Chandigarh) के संयोजक प्रेम गर्ग, सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा और चंद्रमुखी शर्मा नगर निगम चुनाव लड़ेंगे तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी। इन तीनों नेताओं के चुनाव मैदान में आने से पार्टी की स्थिति मजबूत हो जाएगी। ऐसी सूरत में कांग्रेस और भाजपा अध्यक्ष और सीनियर नेताओं पर भी चुनाव लड़ने का दबाव बन जाएगा।

बता दें कि कांग्रेस और भाजपा के अध्यक्ष चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। वहीं, आप पहली बार नगर निगम चुनाव लड़ रही है। आप 26 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है जबकि अभी तक कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाई है। कांग्रेस और भाजपा इसलिए उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही क्योंकि उन्हें पार्टी में बवाल डर भी सता रहा है। आम आदमी पार्टी चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी शहर लाने की तैयारी कर रही है। केजरीवाल के आने पर शहर में माहौल बदल जाएगा।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार चंडीगढ़ के स्थानीय नेताओं को निर्देश दिया है कि वह नगर निगम चुनाव में खुद भी मैदान में उतरें। असल में आम आदमी पार्टी अपने सीनियर नेताओं को मैदान में उतारकर अपनी मजबूती शहर में साबित करना चाहती है। जबकि इन नेताओं के चुनाव में उतरने की खबर के बाद पार्टी में यह आवाज उठ रही है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन के बेटे विक्रम धवन को भी चुनावी मैदान में उतारा जाए। पार्टी का मानना है कि आम आदमी पार्टी में चुनाव जीतने वाले अधिकतर नए चेहरे ही होंगे, जिन्हें सदन को चलाना और राजनीति की जानकारी नहीं होगी। ऐसे में अगर पार्टी के सीनियर नेता भी चुनाव जीतकर सदन में जाते हैं तो यह अन्य पार्षदों को भी कंट्रोल करेंगे। जबकि उक्त नेता एक बार पार्टी को चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। यह नेता कह चुके हैं कि वह उम्मीदवारों को जीतवाने का प्रयास करेंगे वह चुनाव नहीं लड़ेगे।

अब केजरीवाल के कहने पर इन नेताओं को चुनाव लड़ना पड़ेगा। चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन चंद्रमुखी शर्मा भी दो बार पार्षद रह चुके हैं। इन दोनों को नगर निगम की अच्छी तरह से जानकारी है। साल 2016 के नगर निगम चुनाव में प्रदीप छाबड़ा कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उस समय उनकी पत्नी ने सेक्टर-22 की सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गई थी। यह सीट छाबड़ा की पक्की सीट है जहां से वह तीन बार पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में अब छाबड़ा, चंद्रमुखी शर्मा और गर्ग के मैदान में उतरने से यह चुनाव काफी रोमांचक हो जाएगा। हर किसी की इन सीटों पर नजर रहेगी। अभी तक आम आदमी पार्टी ने सेक्टर-22 की सीट से उम्मीदवार तय नहीं किया है।