मेयर के खिलाफ आप नेता पन्नू ने बुलंद की आवाज

मेयर के खिलाफ आप नेता पन्नू ने बुलंद की आवाज

गांव माणकपुर कल्लर के पास करोड़ों का भू-माफिया ने लोगों के साथ मिलकर शुरू किया गया प्रोजेक्ट लैंडचेस्टर अब नए विवादों में आ चुका है। इतना ही नहीं अब जिन लोगों को इस प्रोजेक्ट में आने वाली जमीनों के पैसे और अन्य तरह के मुआवजे नहीं दिए गए।

JagranSun, 25 Apr 2021 08:48 AM (IST)

जागरण संवाददाता, मोहाली : गांव माणकपुर कल्लर के पास करोड़ों का भू-माफिया ने लोगों के साथ मिलकर शुरू किया गया प्रोजेक्ट लैंडचेस्टर अब नए विवादों में आ चुका है। इतना ही नहीं अब जिन लोगों को इस प्रोजेक्ट में आने वाली जमीनों के पैसे और अन्य तरह के मुआवजे नहीं दिए गए। अब वह सरेआम लैंडचेस्टर प्रोजेक्ट के मालिकों के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं और यही कारण है कि किसी भी गरीब के साथ हो रहे अत्याचारों और नाजायज कब्जों को लेकर मुझे उनका समर्थन देना पड़ रहा है। इतना ही जब तक आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा और गरीब गांवों वालों को इंसाफ न दिला दूं तक तक चैन से बैठने वाला नहीं हूं। यह बात शनिवार को आप के जिला मोहाली के यूथ विग प्रधान व सीनियर यूथ लीडर गुरतेज सिंह पन्नू ने पत्रकारवार्ता में कही। उनके साथ भारी संख्या में लैंडचेस्टर मालिकों के सताए गांव माणकपुर निवासी भी उपस्थित थे, जिन्होंने मीडिया के सामने अपनी समस्याएं और आपबीती घटनाओं का जिक्र किया और इंसाफ की गुहार लगाई।

पन्नू ने बताया कि लैंडचेस्टर के मालिक मौजूदा नगर निगम मोहाली के मेयर हैं और ऐसे आदमी को मोहाली का मेयर बनाया गया है जो पहले ही भू-माफिया और श्मशानघाट तक को कब्जा करने से बाज नहीं आ रहा है। उन्होंने मामले पर बताया कि गांव माणकपुर कल्लर में लैंडचेस्टर के साथ ही गांव का एससी व बीसी का श्मशानघाट जुड़ा है जिस पर लैंडचेस्टर के मालिकों और अमरजीत सिंह जीती सिद्वू की नजर है। उन्होंने बताया कि पहले तो श्मशानघाट को इन लोगों ने तोड़ दिया और जब गांव वालों ने विरोध किया और दोबारा से श्मशानघाट बनाने की कोशिश की, तो भू-माफिया के लोग पंचायती जमीन पर बने श्मशानघाट के रास्ते को भी खत्म करने में लगे हैं। जिसके चलते पीड़ितों ने इंसाफ के लिए पहले पुलिस और फिर थक हारकर अब अदालत का सहारा लेने का फैसला किया है। इस दौरान पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए वकील अनिल सागर और यूथ लीडर गुरतेज सिंह पन्नू ने कहा कि गरीबों के साथ धक्का नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा। क्योंकि जिस जमीन की लड़ाई और इंसाफ के लिए पीड़ित लड रहे हैं वह जमीन पंचायती जमीन है और उसकी जमाबंदी वर्ष 2015-2016 की कापी तक उनके पास मौजूद है। लेकिन जीती अपने मंत्री भाई बलबीर सिंह सिद्धू की सरकार के अंदर पावर के चलते लोगों के हक की बात सुन रहे। उधर, मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।

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