चंडीगढ़ में खराब गेहूं मामला: आम आदमी पार्टी ने प्रशासक को लिखा पत्र, मामले में CBI जांच की मांग

चंडीगढ़ में खराब गेहूं बांटने के मामलेे को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखा है। आप नेता प्रदीप छाबड़ा ने मामले में सीबीआइ जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि इस मामले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

Ankesh ThakurThu, 23 Sep 2021 01:32 PM (IST)
आप नेता का आरोप है कि अनाज वितरण मामले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सांकेतिक चित्र

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर में इन दिनों खराब गेहूं बांटने का मामला गरमाया हुआ है। प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रशासन द्वारा दिया जाने वाला अनाज बहुत ही घटिया किस्त का है, जिसको लेकर प्रशासन ने जांच के आदेश जारी करने के साथ विजिलेंस जांच भी शुरू हो चुकी है। 

वहीं, अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। हालांकि इस मामले में पार्षद प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। ऐसे में अब आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ ने प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखकर प्रशासन द्वारा खराब गेहूं बांटने के मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है।

आप के सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा ने आरोप लगाया है कि शहर में जरूरतमंद और गरीबों को राशन और अनाज वितरण मामले में चंडीगढ़ प्रशासन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। हाल ही में बापूधाम कालोनी, धनास सहित शहर के अन्य हिस्सों में सड़ा हुआ गेहूं गरीब परिवारों को बांटा गया है। यह न ही केवल अमानवीय है, बल्कि प्रशासन और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण गरीबों की जिंदगी और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छाबड़ा ने कहा कि प्रशासक इस मामले में सीबीआइ जांच का आदेश दें और यह सुनिश्चित करें कि उचित जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। सीबीआइ जांच से आम लोगों का विश्वास और उन्हें न्याय मिलेगा, जिसके वे हकदार हैं।

बता दें कि शहर में कई जगह घटिया गेंहू बांटा गया था। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर एक हजार गेंहू की बोरिया पकड़ी थीं। मौके पर अधिकारी भी बुलाए गए थे। इसके बाद यूटी गेस्ट हाउस में अधिकारियों ने पार्षदों के साथ बैठक भी की थी। उस बैठक में भाजपा पार्षद अनिल दूबे ने कहा था कि कॉलोनियाें में नए सिरे से राशन कार्ड बनाना चाहिए। शहर में बहुत से जरूरतमंद लोग हैं जिन्हें राशन की जरूरत है। ऐसे लोगाें का सर्वे करने के बाद नए सिरे से राशन कार्ड बनवाने चाहिए। 

 

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