चंडीगढ़ में लगेगा वेस्ट टू एनर्जी का नया प्लांट

नगर निगम शहर में वेस्ट टू एनर्जी का नया गारबेज प्लांट लगाने का मन बनाया है। इस पर अंतिम मुहर इस माह होने वाली सदन की बैठक में लगाई जाएगी। मेयर रविकांत शर्मा की ओर से प्लांट की तकनीकी तय करने के लिए 15 जुलाई को विशेष सदन की बैठक बुला ली है।

JagranSun, 11 Jul 2021 06:32 PM (IST)
चंडीगढ़ में लगेगा वेस्ट टू एनर्जी का नया प्लांट

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़

नगर निगम शहर में वेस्ट टू एनर्जी का नया गारबेज प्लांट लगाने का मन बनाया है। इस पर अंतिम मुहर इस माह होने वाली सदन की बैठक में लगाई जाएगी। मेयर रविकांत शर्मा की ओर से प्लांट की तकनीकी तय करने के लिए 15 जुलाई को विशेष सदन की बैठक बुला ली है। इसमें सिर्फ गारबेज प्लांट के अलावा कोई और चर्चा नहीं होगा। सलाहकार धर्म पाल के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम ने नए लगने वाले गारबेज प्लांट के लिए तकनीकी तय करने के लिए रफ्तार पकड़ी है। जबकि इससे पहले नगर निगम ने पार्षदों और अधिकारियों का स्टडी टूर पुणे जाकर देखने का निर्णय लिया था। वहां पर वेस्ट टू एनर्जी का गारबेज प्लांट लगा हुआ है, लेकिन स्टडी टूर पर जाकर आने में रिपोर्ट देने में समय लग जाएगा। तब तक उतनी ही नए प्लांट को लेकर देरी हो जाएगी।

सलाहकार धर्म पाल ने शुक्रवार को डड्डूमाजरा के गारबेज प्लांट का दौरा कर स्पष्ट कहा था कि अगर नगर निगम ने प्लांट को लेकर पॉलिसी न बनाई तो प्रशासन इसकी पहल करते हुए खुद ही नीति बना देगा। इसके बाद नगर निगम हरकम में आया है। इसलिए 15 जुलाई को इस मुद्दे पर विशेष सदन की बैठक बुला ली गई है। इस समय जो गारबेज प्लांट लगा है, उसकी मशीनरी पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। इस समय नगर निगम के अधिकारी देश भर के जिन जिन राज्यों में गारबेज से बिजली बनाने के गारबेज प्लांट लगे हैं उनकी डिटेल एकत्र कर रहे हैं। टूर का नहीं मिला फायदा

इस समय गारबेज प्लांट न चलने के कारण डंपिग ग्राउंड में कचरे का पहाड़ बढ़ता जा रहा है।जिससे शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है।पिछले माह पार्षदों ने अंबाला और दिल्ली जाकर भी वहां पर लगे प्लांट का दौरान किया।लेकिन उस टूर का कोई फायदा नहीं मिला क्योंकि जिस तकनीकी का वहां पर प्लांट लगा है वैसा चंडीगढ़ में पहले ही लग चुका है। पार्षद नहीं हैं एक्सपर्ट, अधिकारी तय करें तकनीकी

इस समय तत्काल प्रभाव से नया गारबेज प्लांट लगना चाहिए।नगर निगम प्लांट लगाने में देरी कर रहा है। प्रशासन को ही खुद पॉलिसी बनाकर अपने स्तर पर प्लांट लगा देना चाहिए। पार्षद स्टडी टूर करके दूसरे राज्यों में लगे प्लांट को देखना चाहते हैं। जबकि इतिहास गवाह है कि कभी भी पार्षदों के स्टडी टूर का शहर को कोई फायदा नहीं मिला। दूसरा पार्षद किसी भी तरह के कोई प्लांट के एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में जब कोई किसी फिल्ड में एक्सपर्ट नहीं है तो वह क्या नया प्लांट की तकनीकी तय करेंगे। अधिकारी और इंजीनियर्स एक्सपर्ट होते हैं उन्हें ही नई तकनीकी फाइनल करनी चाहिए।

एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकालेगा एमसी

अधिकारी चाहते हैं कि इस साल के अंत तक नया गारबेज प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाए। 15 जुलाई को तकनीकी पर मुहर लगाने के बाद नगर निगम की ओर से इसी टेक्नोलॉजी पर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाला जाएगा। इसमें गारबेज प्लांट के संचालन को भी एक सीमा तक चलाने की शर्त शामिल होगी। जून माह में नगर निगम ने गारबेज प्लांट पर कब्जा करते हुए जेपी कंपनी को बाहर किया था तब से नगर निगम खुद ही प्लांट चला रहा है, लेकिन प्लांट उसी तरह से ही चल रहा है जिस तरह से जेपी कंपनी चलाती थी।

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