चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए 12 वार्डों पर महिला उम्मीदवार, राजनीतिक दल कर रहे जल्द ड्रा निकालने की मांग

चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय की फाइल फोटो।

इस साल दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने महिला और एससी वार्ड की संख्या तय कर दी गई है। किसी वार्ड में महिला उम्मीदवार होगी और कौन से वार्ड एससी प्रत्याशी के लिए रिजर्व होगा इसके लिए वार्ड का ड्रा निकाला जाएगा।

Ankesh ThakurSun, 02 May 2021 11:48 AM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। इस साल दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने महिला और एससी वार्ड की संख्या तय कर दी गई है। किसी वार्ड में महिला उम्मीदवार होगी और कौन से वार्ड एससी प्रत्याशी के लिए रिजर्व होगा इसके लिए वार्ड का ड्रा निकाला जाएगा। इसके लिए अभी तीन से चार माह का समय लगेगा। जबकि सभी राजनीतिक दल यह यह मांग कर रहे हैं कि यह ड्रा जल्दी निकाल दिया जाए, ताकि दावेदार अभी से संबंधित वार्ड में मेहनत करने जुट जाएं।

आम आदमी पार्टी ने इस संबंध में प्रशासन को पत्र भी लिखा है। आप नेताओं का कहना है कि अंतिम स्टेज पर ड्रा निकालकर वार्ड तय करने से दावेदार को भी दिक्कत आती है। वहीं यह बात विपक्ष के साथ साथ भाजपा के नेता भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थिति पहले स्पष्ट हो जाए तो बेहतर है। इस बार 26 की बजाय 35 वार्ड के लिए पार्षद चुने जाने हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता सतीश कैंथ का कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत उस नेता को आती है जो कि पांच साल तक एक वार्ड में मेहनत करता है लेकिन लास्ट स्टेज पर ड्रा में वार्ड बदल जाए और उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए दूसरे वार्ड में जाना पड़ता है। प्रशासन को ड्रा निकाल कर महिला और एससी वर्ग के वार्ड तय करने ही हैं ऐसे में बाद में करो या जल्दी उससे क्या फर्क पड़ता है। सिर्फ राजनीतिक दलों को भी आसानी रह जाती है। उनका कहना है कि वह सलाहकार से भी इसकी मांग करेंगे।

12 वार्ड में होंगी महिला उम्मीदवार

प्रशासन की ओर से यह तय कर दिया गया है कि कुल 35 वार्ड में से 12 वार्ड महिला के लिए रिजर्व होंगे। जिनमें तीन वार्ड आरक्षित वर्ग की महिलाओं के होंगे। जबकि इस समय नगर निगम के 26 वार्ड हैं जिनमें से नौ वार्डों में महिला पार्षद हैं। इनमें दो महिला पार्षद एससी वर्ग से हैं। पिछले साल ही प्रशासन ने वार्ड की संख्या 26 से बढ़ाकर 35 करने के लिए नए सिरे से वार्डबंदी की थी। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी राजनीतिक दलों ने महिलाओं उम्मीदवारों की सूची बनाना शुरू कर दी है। यहां तक कि एससी महिला उम्मीदवार भी राजनीतिक दलों को मुश्किल से मिलते हैं। इसलिए यह भी होता है कि हर बार पार्टी को बार बार वही एससी उम्मीदवार मैदान में उतारने पड़ते हैं जाे कि पिछले कई सालों से चुनाव लड़ रहे हैं। आप संयोजक प्रेम गर्ग का कहना है कि वार्ड का ड्रा जितना जल्दी करवा दिया जाए अच्छा है।

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