10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित नहीं, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के 3200 टीचर्स ACR को लेकर टेंशन में

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के टीचर्स के लिए एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) भरना इस बार टेडी खीर साबित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण दसवीं और बारहवीं बोर्ड कक्षाओं का परिणाम अभी तक घोषित न होना है। एसीआर को लेकर अब टीचर्स परेशान हैं।

Ankesh ThakurSun, 20 Jun 2021 03:50 PM (IST)
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के 3200 शिक्षक एसीआर को लेकर परेशान हैं। (फाइल फोटो)

चंडीगढ़, जेएनएन। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के टीचर्स के लिए एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) भरना इस बार टेडी खीर साबित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण दसवीं और बारहवीं बोर्ड कक्षाओं का परिणाम अभी तक घोषित न होना है। गौरतलब है कि टीचर्स की प्रमोशन और ट्रांसफर के लिए उनकी एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट अहम भूमिका निभाती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते 10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित नहीं हो सका है। ऐसें में टीचर्स परेशान हैं कि अपनी एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट में क्या दिखाएं।

स्कूल में की गई एक्टीविटी को भी टीचर्स एसीआर में दिखा सकते हैं। लेकिन शहर के स्कूल मार्च 2020 से बंद पड़े हैं। ऐसे में स्कूलों में भी कोई एक्टीविटी ऐसी नहीं की गई है जो कि स्टूडेंट्स के आने वाले समय में बेहतर साबित हो। यह परेशानी शहर के 32 सौ टीचर्स के सामने है, जिसमें एनटीटी से लेकर प्रिंसिपल तक एसीआर भरने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। एसीआर भरने की अंतिम तिथि 30 जून है जिसके चलते टीचर्स की परेशानी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।

प्रमोशन से लेकर नेशनल, स्टेट अवार्ड पाने के लिए एसीआर जरूरी

एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट का सबसे ज्यादा फायदा टीचर्स को प्रमोशन के समय मिलता है। एसीआर टीचर्स को हर साल भरना होती है और उसका सर्टिफिकेट हर बार उनकी परफार्मेंस के साथ लगता है। टीचर्स की एसीआर को हेडमास्टर और प्रिंसिपल कमेंट देकर शिक्षा विभाग को भेजते हैं, जबकि प्रिंसिपल और हेडमास्टर की रिपोर्ट को डीईओ पास करती हैं। इसके बाद उन्हें प्रमोशन में लाभ मिलता है। बेहतर कमेंट और रिपोर्ट देने वाले टीचर्स को अतिरिक्त कार्यभार भी दिए जाते हैं, जिसमें हेडमास्टर से लेकर प्रिंसिपल और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के औदे भी मिलते हैं। इस समय भी चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल कमलेश और पूनम सूद को डिप्टी डायरेक्टर स्कूल-2 और 3 का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है, जो कि स्कूलों के साथ वोकेशनल और अडल्ट एजुकेशन को संभाल रही हैं। इसके साथ ही एनुअल काफिडेंशियल रिपोर्ट का फायदा टीचर्स को स्टेट और नेशनल अवार्ड पाने में भी मिलता है। नेशनल अवार्ड के लिए अप्लाई करने की अंतिम तिथि 16 जून थी, जिसमें ज्यादातर इच्छुक टीचर अप्लाई ही नहीं कर सके और जिन पांच टीचर्स और प्रिंसिपल ने अप्लाई किया है वह खुद की वर्ष 2020-2021 की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है क्याेंकि यह अवार्ड एक साल रिपोर्ट के आधार पर दिया जाता है।

जुलाई में आ सकता है 10वीं और 12वीं का परिणाम

कोरोना महामारी के चलते सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने पहले 10वीं और उसके बाद 12वीं कक्षा की परीक्षा को रद कर दी। दसवीं का परिणाम बनाने के लिए स्कूलों को 30 जून तक का समय दिया गया है जबकि 12वीं कक्षा के परिणाम के लिए अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दोनों ही कक्षा के परिणाम जुलाई में आएंगे। इसके बाद प्रिंसिपल और लेक्चरर्स समेत सभी शिक्षक नेशनल और स्टेट अवार्ड के लिए पूरी तैयारी के साथ अप्लाई कर सकते हैं।

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