पंजाब के बठिंडा में ट्रेडर ने पत्नी व दो बच्चों समेत की खुदकुशी, लाखों रुपये का घाटा होने पर उठाया कदम

बठिंडा में ट्रेडर ने पत्नी व दो बच्चों समेत आत्महत्या की।
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 04:17 PM (IST) Author: Kamlesh Bhatt

जेएनएन, बठिंडा। शहर के सबसे पाश एरिया ग्रीन सिटी फेस टू में वीरवार दाेपहर बाद एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। ट्रेडिंग बिजनेस में लाखों रुपये का घाटा होने से परेशान 41 वर्षीय व्यापारी दविंदर गर्ग ने अपनी 32 बोर की लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी 38 वर्षीय पत्नी मीना गर्ग, 14 वर्षीय बेटे अरूष गर्ग व 10 वर्षीय बेटी मुस्कान गर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद उसी रिवाल्वर से अपने सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मरने से पहले मृतक दविंदर ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने एक महिला समेत 9 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया है।

पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में केवल उनके नाम और उनकी भूमिका के बारे में ही जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे गए है, वह सभी उसके साथ ट्रेडिंग बिजनेस में जुड़े हुए थे। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर उसमें लिखे गए नामों की जांच शुरू कर दी है। देर शाम खबर लिखे जाने तक थाना कैंट पुलिस ने सुसाइड नोट के अनुसार एक महिला समेत कुल 9 लोगों पर खुदकुशी करने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन पुलिस ने किन-किन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनके नाम अभी तक उजागार नहीं किये हैं।

एसएसपी भूपिंदरजीत सिंह विर्क का कहना है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में मामला खुदकुशी का ही है, चूकिं पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर अगली कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। उधर, थाना कैंट पुलिस ने समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी की मदद से सभी मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया है, जिनका शुक्रवानर को पोस्टमार्टम किया जाएगा।

दोपहर 12 बजे के बाद हुई घटना

परिवारिक सदस्यों के मुताबिक मृतक दविंदर गर्ग पहले पंचवटी नगर में रहता था, लेकिन बिजनेस में घाटा होने के कारण वह अपनी कोठी बेचकर करीब दो साल पहले ही ग्रीन सिटी के फेस टू स्थित एक किराये की कोठी में शिफ्ट हुआ था। कोठी के मालिक नीचले हिस्से में रहते थे, जबकि मृतक दविंदर सिंह अपने पूरे परिवार के साथ कोठी की पहली मंजिल पर रहता था। परिवारिक सदस्यों के मुताबिक वीरवार दोपहर 12 बजे तक सभी लोग ठीक थे। वीरवार सुबह करीब आठ बजे पहले वह अग्रवाल कालोनी स्थित ससुराल जाकर आया था, उसके बाद सुबह करीब 11 बजे दविंदर की मां ने उसे फोन कर उसका हालचाल पूछा था।

तब उसने कहा था वह ठीक है और घर पर ही है। 12 बजे के बाद उसने अपने बैडरूम में अपने पूरे परिवार को बंद किया और वहां पर उसनी अपनी 32 बोर की लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी पत्नी व दोनों बच्चों को गोली मारी दी और उसके बाद खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बैडरूम का दरवाजा और अन्य दरवाजे बंद होने के कारण गोली चलने की आवाज नीचे रहते परिवार को भी सुनाई नहीं दी।

दोपहर करीब तीन बजे जब कोई व्यक्ति दविंदर से मिलने उसके घर पहुंचा और घंटी बजाने पर काफी देर तक नीचे नहीं आने पर मकान मालिक ने ऊपर जाकर दविंदर व उसकी पत्नी को भी आवाज लगाई, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खोलने पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को ऊपर बुलाकर दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर देखा, तो पूरा परिवार बेडरूम में गिरा पड़ा था, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस व समाजसेवी संस्था को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम  मौके पर पहुंची और अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

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