जिले में जज सहित 194 पाजिटिव, छह की मौत

जिले में जज सहित 194 पाजिटिव, छह की मौत

कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है।

JagranSat, 17 Apr 2021 10:28 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बठिडा: जासं,बठिडा: कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है। इस लहर में बठिडा जिले में हर रोज 200 के करीब नए कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहीं प्रतिदिन दो से तीन कोरोना पाजिटिव मरीजों की मौत हो रही है। शनिवार को जिले में एक जज सहित कुल 194 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई। साथ ही कोरोना संक्रमित छह मरीजों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला व पांच पुरुष शामिल हैं। एक अप्रैल से 17 अप्रैल तक 35 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। शनिवार को जिले में 194 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, जबकि 235 मरीज ठीक भी हुए। सेहत विभाग ने अनुसार अब तक जिले में 1,94,104 लोगों के कोरोना टेस्ट लिए जा चुके हैं, जिनमें से 14,494 लोग पाजिटिव मिले हैं। 12,188 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 2026 हो गई है, जबकि कुल 280 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है।

उधर, रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद जज व उनकी पत्नी घर में एकांतवास हो गए हैं। इसके अलावा बठिडा अदालत के एक और जज के दो परिवारिक मेंबरों की रिपोर्ट भी पाजिटिव आने के कारण उनको घर में आइसोलेट किया गया है। इन केसों के आने के बाद प्रशासन ने जहां अदालतों में भीड़ कम करने का फैसला किया है, वहीं बार एसोसिएशन ने भी एक प्रस्ताव पारित करके कहा है कि अदालतों में सिर्फ जरूरी केसों की ही सुनवाई ही होगी। बार एसोसिएशन के प्रधान लकिदरदीप सिंह भाईका ने बताया कि एसोसिएशन ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर फैसला किया है कि अदालतों में भीड़ को कम किया जाए। इस कारण अदालतों में 30 अप्रैल तक सिर्फ जरूरी जमानत, स्टे आदि पर ही सुनवाई होगी तथा केवल वकील ही अदालतों में पेश होंगे। मास्क न पहनने वालों के किए कोरोना टेस्ट

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा फिर से सख्ती शुरू कर दी गई है, जिसके तहत मास्क न पहनने वालों के चालान किए जा रहे हैं, जबकि उनके मौके पर ही कोरोना के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से भाई कन्हैया चौक में बड़े स्तर पर नाकाबंदी की गई। इस दौरान पुलिस के साथ-साथ सेहत विभाग की टीम भी मौजूद रही। पुलिस ने मास्क न पहनने वालों व अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों को रोका व उनके जमकर चालान किए। इसके साथ ही कोरोना के सैंपल भी लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरत रहे हैं। प्रशासन को जानकारी दिए बिना किया शव का अंतिम संस्कार

शहर के हाजीरत्न चौक में रहने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति की शनिवार को लुधियाना लेकर जाते समय मौत हो गई। मृतक की बीती 11 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, जिसके बाद वही होम आइसोलेट थे। शनिवार सुबह उनकी तयबीत काफी बिगड़ गई और सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। इसके बाद स्वजन उन्हें लुधियाना लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद स्वजनों की तरफ से जिला प्रशासन को कोई सूचना दिए बिना लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि उनकी तरफ से न तो लाश को पैक करवाया गया और न ही खुद किसी ने पीपीई किट पहनी। सहारा जनसेवा की टीम ने किया शवों का अंतिम संस्कार

शनिवार को जिन छह कोरना मरीजों की मौत हुई, उनमें पावर हाउस रोड पर निजी अस्पताल में भर्ती गांव कुटी निवासी व्यक्ति, मिल्ट्री अस्पताल में दाखिल मौड़ मंडी निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति, गांव चुघे खुर्द निवासी महिला, रामपुरा फूल निवासी 71 वर्षीय व्यक्ति और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। जिला प्रशासन की सूचना पर सहारा जनसेवा के सदस्यों ने पीपीई किट पहनकर स्वजनों की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया। ट्रेनों में सफर करते वक्त यात्रियों के लिए मास्क जरूरी

केंद्रीय रेल मंत्रालय की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी की गई हिदायतों के अनुसार ट्रेनों में सफर करते समय तथा रेलवे परिसर के अंदर मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे परिसर व ट्रेनों में थूकने पर भी पाबंदी लगाई गई है। इन नियमों का पालन करवाने के लिए मुलाजिमों व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों व अन्य लोगों को 500 रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है।

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