2001 से अधूरा रिग रोड का निर्माण 2019 में वित्तमंत्री ने शुरू करवाया, अभी भी जमीन अधिग्रहण का काम पेंडिग

2001 से पेंडिग चल रही बठिडा की रिग रोड फेज-1 का निर्माण कार्य आज भी जमीन अधिग्रहण के कारण अधूरा पड़ा है। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से रोड के निर्माण को लेकर फंड भी धीरे-धीरे जारी किया जा रहा है।

JagranMon, 18 Oct 2021 03:17 AM (IST)
2001 से अधूरा रिग रोड का निर्माण 2019 में वित्तमंत्री ने शुरू करवाया, अभी भी जमीन अधिग्रहण का काम पेंडिग

जागरण संवाददाता, बठिडा : 2001 से पेंडिग चल रही बठिडा की रिग रोड फेज-1 का निर्माण कार्य आज भी जमीन अधिग्रहण के कारण अधूरा पड़ा है। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से रोड के निर्माण को लेकर फंड भी धीरे-धीरे जारी किया जा रहा है। इस कारण यह प्रोजेक्ट आज भी पूरा नहीं हो पाया है। फिलहाल रोड के निर्माण पर खर्च होने वाले पैसों से काम शुरू किया गया है। जबकि रोड को तैयार करने के लिए कुल 25.29 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, जिसमें से पहले साल में सरकार ने दो करोड़ रुपये ही जारी किए थे।

बेशक 2019 की 13 अक्टूबर को वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने रोड का निर्माण कार्य शुरू करवाते समय तैयार किए गए प्रोजेक्ट की कुल लागत के 95 करोड़ रुपये भी जल्द ही जारी कर तीन महीनों में काम पूरा करने का दावा किया था। लेकिन दो साल के लगभग समय बीत जाने के बाद काम की रफ्तार काफी धीमी है। हालांकि इस रोड का निर्माण पूरा होने के बाद शहर के लोगों को ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

वहीं इस मामले में बठिडा की एसडीएम हरजोत कौर का कहना है कि रोड के निर्माण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम द्वारा लगातार काम किया जा रहा है, जिसके चलते पहले सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। जिसके बाद अगर किसी को अवार्ड सुनाकर मुआवजा देने की जरूरत भी पड़ी तो वह भी कार्रवाई की जाएगी। मगर बिना रोड पर कब्जा लिए काम नहीं हो सकता। इसके बाद ही सरकार से फंड की भी मांग की जाएगी।

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इस कारण लटका प्रोजेक्ट

आठ अप्रैल 2001 में तत्कालीन निकाय मंत्री बलराम जी दास टंडन ने छावनी से सटी रिग रोड का नींव पत्थर रखा था। इसका 2004 में अवार्ड सुनाया गया तो कुछ लोगों ने पैसा कम मिलने पर आपत्ति जताते हुए न्यायालय की शरण ली थी। इस दौरान भूखंड मालिकों की सरकार के साथ बातचीत जारी रही लेकिन कोई हल नहीं निकला और केस चलता रहा। इसके बाद 2011 में हाई कोर्ट का फैसला नगर सुधार ट्रस्ट के हक में हुआ। लेकिन स्थानीय लोगों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और 2017 में सुप्रीम कोर्ट बैंच ने विचार विमर्श करने के बाद रिग रोड बनाने की इजाजत दी थी। इस बीच आने वाली 16 एकड़ भूमि के लिए डीसी को निर्देश जारी कर हल निकालने को कहा तो बठिडा के तत्कालीन डीसी दीप्रवा लाकड़ा ने जमीन मालिकों से मीटिग कर रिपोर्ट को फाइनल किया। इसके बाद भी जब नगर सुधार ट्रस्ट काम नहीं कर पाया तो इसको पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया, जिसके बाद इस पर काम शुरू हो गया।

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ऐसे बनेगी सारी रोड

95 करोड़ की लागत से बनने वाली यह रिग रोड बठिडा-बरनाला रोड पर स्थित थाना कैंट के साथ वाली रोड से निकलेगी। जो आगे मानसा ओवरब्रिज के आइटीआइ पुल के साथ जुडे़गी। इस रोड पर एक अंडरब्रिज व एक ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा। जबकि अंडरब्रिज 500 मीटर लंबा होगा, जो इंडस्ट्रियल एरिया के पास रेलवे लाइनों पर बनाया जाएगा तो ओवरब्रिज की लंबाई 400 मीटर के करीब होगी, जो इंडस्ट्रियल एरिया की मेन रोड को आइटीआइ पुल के साथ जोड़ेगा। इसके अलावा रोड के साथ सर्विस लाइन भी बनाई जाएगी, जहां से भागू रोड, धोबियाना बस्ती रोड, पावर हाऊस रोड, माडल टाउन फेस-3 व पटेल नगर के लिए सर्विस रोड बनेगी। वहीं रोड के साथ साथ कैंट का एरिया होने की वजह से सुरक्षा के लिहाज से फेंसिग भी की जाएगी। इनको होगा फायदा

-कम होगी दूरी.. इस रोड का निर्माण होने से पांच से सात किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। इससे पहले बरनाला से मानसा या डबवाली आने जाने वाले लोगों को शहर से घूमकर जाना पड़ता था। मगर अब इसके साथ उनको पांच से सात किलोमीटर का सफर कम करना पड़ेगा।

-शहर होगा ट्रैफिकमुक्त.. इस समय शहर में भारी वाहनों के कारण अकसर ही जाम लगा रहता है। मगर इस रोड के निर्माण के बाद हैवी ट्रैफिक को शहर में नहीं आना पड़ेगा। इसके अलावा बठिडा तेल डिपुओं व रिफाइनरी से निकलने वाले कैंटर भी जाम का कारण नहीं बन पाएंगे।

-बस स्टैंड हो सकता है पास.. बठिडा शहर में स्थित बस स्टैंड को शहर से बाहर लेकर जाने के लिए 2007 में बनी योजना आज भी अधर में है। मगर बसों की सही एंट्रेस या एग्जिट न होने के कारण कैंट की ओर से आपत्ति जताई जा रही थी। लेकिन अब इसका भी काम शुरू हो सकेगा।

-अन्य राज्यों को मिलेगी सुविधा.. हरियाणा व राजस्थान के अलावा पंजाब के मानसा व तलवंडी आदि स्थानों को जाने के लिए वाहन चालकों के ईंधन व समय दोनों व्यर्थ होते थे। वहीं 100 फीट बीबी वाला रोड इस ट्रैफिक को लेने में सक्षम नहीं था। मगर अब इनको भी फायदा होगा।

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इन पर होंगे पैसे खर्च

-- सड़क निर्माण पर 25.29 करोड़

-- ओवरब्रिज व अंडरब्रिज निर्माण पर 35.60 करोड़

-- जमीन एक्वायर के लिए 23 करोड़

-- सुविधाएं शिफ्ट करने के लिए नौ करोड़

-- जंगलात विभाग की क्लियरेंस के लिए 50 लाख रुपये

-- कंटीजेंसी चार्जेस पर 1.52 करोड़ रुपये

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