सरकारी का बायकाट, डाक्टरों ने खुद की पर्चियां छपवाकर खुले में लगाई ओपीडी

वीरवार को मरीज और उनके स्वजन जब सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां का मंजर ही अलग था।

JagranFri, 16 Jul 2021 05:27 AM (IST)
सरकारी का बायकाट, डाक्टरों ने खुद की पर्चियां छपवाकर खुले में लगाई ओपीडी

जासं,बठिडा: वीरवार को मरीज और उनके स्वजन जब सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां का मंजर ही अलग था। अस्पताल परिसर में टेट लगे थे और डाक्टर वहां अपनी सेवाएं देने के लिए मौजूद थे। दरअसल, छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में नान प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) में की गई कटौती के विरोध में पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (पीएसएमएसए) के आह्वान पर पिछले तीन दिन से हड़ताल पर चल रहे जिले भर के सरकारी डाक्टरों ने वीरवार को मरीजों के लिए अपनी सेवाएं पेश कीं, लेकिन अनोखे अंदाज में। अस्पताल की सरकारी ओपीडी का बायकाट कर अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर मरीजों का निश्शुल्क चेकअप किया और दवा बांटी। मरीजों को पीएसएमएसए की तरफ से छपवाई गई पर्चियां बांटकर उनका इलाज किया गया। डाक्टरों ने कहा कि वे सरकारी खाते में मरीजों का पैसा नहीं जाने देंगे। हालांकि ये सेवाएं 17 जुलाई तक जारी रहेंगी। 19 जुलाई से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

इस मौके पर स्टेट प्रधान डा. संजीव पाठक, जिला प्रधान डा. जगरूप सिंह गिल आदि ने कहा कि ओेपीडी के बजाय अस्पताल के बाहर बैठकर मरीजों का इलाज करने का मकसद यह है कि उनकी वजह से आम जनता परेशान न हो और कोई भी मरीज बिना इलाज करवाए वापस न लौटे। उन्हें इस धरती पर भगवान का दूसरा रूप का नाम दिया गया है, इसलिए उनका नैतिक फर्ज है कि बीमार मरीज का इलाज कर उसकी कीमती जान बचाए। इसीलिए उन्होंने सरकारी ओपीडी के बजाय अपनी ओपीडी बनाकर मरीजों का चेकअप किया। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन 17 जुलाई शनिवार तक जारी रहेगा। इस बीच भी सरकार की उनकी की मांगों को पूरा नहीं करती है तो 19 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उनकी मांग है कि 25 से 20 फीसद किए गए एनपीए के फैसले को वापस लिया जाए और डा. गुरमेल सिंह की बदली रद की जाए। इस मौके पर सतीश जिदल, डा. रविकांत गुप्ता, डा. हार्षित गोयल, डा. अरूण बांसल, डा. खुशदीप सिद्धू, डा विशेषवर चावला, डा. आहूलवालिया, डा. विजय मित्तल, डा. धीरज गोयल आदि मौजूद थे। मरीजों के लिए कुसियां, पंखे और ठंडा पानी का प्रबंध वीरवार को डाक्टरों की तरफ से पैसे एकत्र कर सिविल अस्पताल परिसर के अंदर बड़ा टैंट लगाकर अस्थाई अस्पताल का निर्माण किया गया। वहीं मरीजों की सुविधा के लिए बैठने के लिए कुर्सियां, पंखे और ठंडे पानी तक प्रबंध भी अस्पताल के डाक्टरों की तरफ से किया गया ताकि गर्मी के इस मौसम में दूरदाज गांवों व इलाकों से आए मरीजों व उनके परिजनों को किसी भी तरह की कोई समस्या या परेशानी ना हो। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, लैब व अन्य टेस्ट की सेवाएं रखीं बंद इस दौरान केवल इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, लैब टेस्ट, डोप टेस्ट समेत अन्य सेहत सेवाएं बंद रहीं, जिसके कारण ज्यादातर मरीजों को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, खून टेस्ट समेत अन्य सेहत सेवाओं के लिए निजी अस्पतालों में ही जाना पड़ा। इतना ही नहीं इस दौरान डाक्टरों ने लोगों के मेडिकल करने से भी इंकार कर दिया।

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