मन को जीतने से ही मिलती है सफलता: डा. राजेंद्र मुनि

बिना मन जो भी कार्य किया जाता है वह कभी सफल नहीं हो पाता।

JagranSat, 25 Sep 2021 09:52 PM (IST)
मन को जीतने से ही मिलती है सफलता: डा. राजेंद्र मुनि

संस, बठिडा: जैन सभा प्रवचन हाल में संत डा. राजेंद्र मुनि ने भक्ति को परम विशुद्ध बनाने के लिए मन -वचन काया की एकाग्रता पर कहा कि किसी भी कार्य को सफल बनाने में सर्व प्रथम मन की एकाग्रता होनी चाहिए। बिना मन जो भी कार्य किया जाता है वह कभी सफल नहीं हो पाता।

उन्होंने कहा कि मन को साधने के लिए कई प्रकार के तरीके प्राचीन काल से चले आ रहे हैं। आधुनिक काल में भी इस मन की समस्या को सुलझाने के लिए डाक्टरी कारण कर दिया गया है। विविध प्रकार की दवाई का सेवन व मनोचिकित्सा की पद्धति अपनाई जाती है। इस समस्या का समाधान तो वही कर पाते हैं जो इसको अपने जीवन में विजय प्राप्त कर लेते हैं। हमारे आदर्श पुरषों ने स्वयं मन को प्रभु भक्ति में लगाकर जीत लिया था। सभा में साहित्यकार सुरेंद्र मुनि द्वारा भक्ति के मार्ग को मोक्ष का मार्ग बतलाया। महामंत्री उमेश जैन द्वारा समाज की तरफ से आए हुए अतिथिओं का स्वागत व पुष्कर जयंती के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सत्संग में मिट जाते हैं सभी पाप: स्वामी नंद गिरी अखंड परमधाम सेवा समिति की ओर से गोशाला भवन में करवाई जा रही श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन ज्योति प्रचंड करने की रस्म अग्रवाल सभा के प्रधान विनोद भंमा द्वारा अदा की गई। इस अवसर पर व्यास महामंडलेशवर स्वामी ज्योतिरमय नंद गिरी महाराज ने कहा कि सत्संग में आने से पुराने जन्म के पाप कट जाते हैं। पवित्र मन लेकर सत्संग में जाना चाहिए। यहां प्रेम जोगा, महेश अतला, सतीश गोयल, पवन कुमार, विजय मूसा, सुनील गुप्ता, राजेश कैटरिग, बिदरपाल गर्ग, सुरेश कुमार, संजय मित्तल आदि मौजूद थे। मंच संचालन सुनील गुप्ता ने किया।

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