गुण के पुजारी होते हैं प्रबुध लोग: कमलनंद गिरि

श्री कल्याण कमल सत्संग समिति की ओर से माडल टाउन फेस वन में स्थित दुर्गा मंदिर में दिव्य श्री रामायण प्रवचन का आयोजन किया गया।

JagranWed, 15 Sep 2021 09:52 PM (IST)
गुण के पुजारी होते हैं प्रबुध लोग: कमलनंद गिरि

संस, बठिडा: श्री कल्याण कमल सत्संग समिति की ओर से माडल टाउन फेस वन में स्थित दुर्गा मंदिर में दिव्य श्री रामायण प्रवचन का आयोजन किया गया। इस दौरान संत शिरोमणि महमंडलेश्वर स्वामी कमलनंद गिरि महाराज हरिद्वार वालों ने कहा कि प्रबुद्ध लोग व्यक्ति के पुजारी नहीं होते, तत्व के पुजारी होते हैं। गुण के पुजारी होते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री राम चरित्र मानस के लेखक गोस्वामी तुलसीदास भी व्यक्ति के नहीं सद्गुणों के पूजक हैं। इसलिए श्रीराम की महिमा मुक्त हस्त से राम चरित्र मानस के रूप में ग्रंथ लिखा। मां होगी तभी बेटे का जन्म होगा। श्रीराम भी किसी मां से ही अवतरित हुए हैं। अंत मां का हर घर में आदर होना चाहिए। जैसे पूर्व दिशा में चंद्रमा प्रकट होकर सकल सृष्टि को शीतलता प्रदान करता है, ऐसे ही मां कौशल्या की कोख से प्रगट प्रभु श्री रामचंद्र ने जीव मात्र को शीतलता प्रदान की। इस दौरान प्रेम कुमार गर्ग, डा. एमपी सिंह, प्रेम कुमार जिदल, मेघराज, पवन कुमार, चंद्र प्रकाश, गिरधारी लाल व उमेद सिंह भी शामिल थे। विनय गुण से महान बनता है मनुष्य: डा. राजेंद्र मुनि जैन सभा के प्रवचन हाल में आयोजित भक्तामर अनुष्ठान में भगवान आदिनाथ की स्तुति पर विवेचना की गई।

इस दौरान जैन संत डा. राजेंद्र मुनि ने बताया कि आदिनाथ भगवान जैन धर्म के इस काल के धर्म की स्थापना करने वाले हैं। उनके द्वारा की गई जप तप की साधना आज के युग में सभी को महान प्रेरणा प्रदान कर रही है। तीर्थंकर बनकर उन्होंने अहिसा सत्य ब्रह्मचर्य अपरिग्रह का स्वरूप समझाया। उपदेश देने मात्र से जीव का कल्याण नहीं होता। जब तक उस उपदेश को जीवन में आत्मसात धारण नहीं किया जाता। जैनधर्म ने आचरण को ही धर्म स्वीकारा है। आचार्य मानतुंग जी ख्याति प्राप्त विद्वान थे। अनेक विधाओं के ज्ञाता थे फिर भी वे अपने आपको लघु व छोटा बताकर उन महापुरुषों की साधना को उत्कृष्ट मानते हैं। उन्होंने बताया कि विनय गुण से धर्म की पहचान होती है। हर कार्य में बड़ी वस्तुएं ही काम में नहीं आतीं। सुई की जगह तलवार काम नहीं कर पाती। घर परिवार समाज में छोटों को लेकर चलने वाला ही मुखिया बन सकता है।

साहित्यकार सुरेंद्र मुनि द्वारा संपूर्ण विधि विधान के साथ भक्तामर प्रार्थना की गई। महामंत्री उमेश जैन, प्रधान महेश जैन, पुरुषोत्तम जैन, शिव कुमार जैन एवं प्रमोद जैन आदि ने तपस्विनी विनिता देवी का स्वागत महिला मंडल व युवती संघ से सम्पन्न करवाया। विनीता बहन ने सिर्फ गर्म जल के आधार पर 11 व्रतों की तपस्या करके अपने परिवार व समाज का मान बढ़ाया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.