वेतन के लिए सीएम से नहीं मिल पाए प्रोफेसर

प्रोफेसर शुक्रवार को पंजाब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात नहीं कर पाए।

JagranFri, 15 Oct 2021 09:56 PM (IST)
वेतन के लिए सीएम से नहीं मिल पाए प्रोफेसर

संवाद सूत्र, बठिडा: पिछले छह महीने से वेतन का इंतजार कर रहे मलोट इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड इंफरमेशन टेक्नालजी मलोट के प्रोफेसर शुक्रवार को पंजाब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात नहीं कर पाए। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेताओं ने कालेजों को ग्रांट जारी करने और उनका छह महीने का बकाया वेतन देने के लिए मांग पत्र सौंपना था।

उन्होंने बताया कि संस्था के पास जरुरत का फंड न हाने के कारण उनको पिछले एक साल से समय पर वेतन नहीं मिल रहा। शहीद भगत सिंह स्टेट टेक्निकल कैंपस फिरोजपुर और बेअंत सिंह कालेज इंजीनियरिग एंड टेक्नालिजी गुरदासपुर को पंजाब सरकार की तरफ से कैंपस यूनिवर्सिटी अपग्रेड करके 15 करोड़ रुपये प्रति कालेज यूनिवर्सिटी सालाना ग्रांट मंजूर करके पहली किश्त भी जारी कर दी गई है, परंतु मलोट इंस्टीट्यूट को अब तक ग्रांट देने की प्रवानगी नहीं दी गई। वेतन जारी न होने के कारण उनकी आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। संस्था को जल्दी ग्रांट जारी की जाए। सीएम को घेरने पहुंचे माडल टाउन निवासियों को पुलिस ने रोका माडल टाउन फेज 4-5 के लोगों ने बीडीए की ओर से डाली गई इन्हासमेंट राशि के खिलाफ सीएम चरणजीत सिंह के समागम का विरोध किया। सीएम नहर को पक्का करने के लिए शुरू किए जाने वाले प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखने के लिए आए थे। इस दौरान लोगों ने विरोध जरूर किया, लेकिन उनको पुलिस ने पीछे ही रोक लिया।

लोगों का आरोप है कि बीडीए ने ग्रीन पैलेस वाली रोड प्राइवेट कालोनियों को फायदा पहुंचाने के लिए निकाली है, जिसके लिए जगह को एक्वायर करने के समय दिया जाने वाला मुआवजा अब फेज 4-5 के वासियों से वसूला जा रहा है। रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसायटी फेज 4-5 के लोगों ने आरोप लगाया कि बीडीए ने 621 रुपये प्रति गज के रेट से जगह को खरीदा था, जिसको आगे 11 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से बेचा गया। इसके बाद बीडीए ने बीडीए एंकलेव, ग्रीन सिटी, पार्क पनोरमा, बैंक कालोनी, ढिल्लों कालोनी व टीचर्स कालोनी तक 100 फीट सड़क का निर्माण किया। वहीं बाद में एक पुल का निर्माण भी किया गया, जिसके बाद यह सड़क बरनाला बायपास को फरीदकोट को जाने वाले मेन हाईवे के साथ जुड़ गई। इसके चलते यह सड़क जनतक बन जाती है, जिस पर नक्शा पास करवाने व सीएलयू की फीस नगर निगम द्वारा ली जाती है। मगर इस सड़क की इन्हासमेंट की राशि कालोनी के लोगों से वसूल की जा रही है।

प्रधान चरणजीत सिंह ने बताया कि अगर यह रोड के पैसे उनसे लिए जाने हैं तो वह सड़क को बंद कर देंगे, जिसको सिर्फ कालोनी के लोगों के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा। अगर इसको जनतक बनाना है तो इन्हासमेंट के नाम पर उनको परेशान करना बंद किया जाए। उनके द्वारा सड़क को कालोनी के लिए डी-नोटिफाई करने की भी मांग की गई।

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