पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्य के वित्तमंत्री भी बस स्टैंड के लिए नहीं दिला सके एनओसी

साल 2009 से कागजों में लटक रही बठिडा के बस स्टैंड को बनाने की योजना को दो मंत्री भी पूरा नहीं करवा सके हैं।

JagranTue, 21 Sep 2021 05:40 AM (IST)
पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्य के वित्तमंत्री भी बस स्टैंड के लिए नहीं दिला सके एनओसी

साहिल गर्ग, बठिडा

साल 2009 से कागजों में लटक रही बठिडा के बस स्टैंड को बनाने की योजना को दो मंत्री भी पूरा नहीं करवा सके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 2017 के चुनाव से पहले 11 दिसंबर 2016 को आर्मी से एनओसी लिए बिना बस स्टैंड बनाने का नींव पत्थर रख दिया था। इसके बाद 2017 में सरकार बदल गई तो प्रोजेक्ट पर काम होने की रफ्तार कम हो गई। हालांकि इसको लेकर वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल भी हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री से बस स्टैंड के लिए एनओसी जारी करने को लेकर मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन ढाई महीने बाद भी एनओसी का इंतजार है। इस प्रोजेक्ट पर पहले नगर सुधार ट्रस्ट काम कर रहा था, लेकिन अब नगर निगम बठिडा को सौंपने के लिए पत्र भी आ चुका है। बस स्टैंड के निर्माण को लेकर ट्रांसपोर्ट विभाग ने बजट भी तैयार कर लिया है, लेकिन एनओसी के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा।

बजट तैयार करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों की मीटिंग में बठिडा पीआरटीसी के अधिकारियों के अलावा नगर सुधार ट्रस्ट के अधिकारी भी शामिल हुए थे। इस मीटिग का निष्कर्ष यह निकला कि जब तक नया बस स्टैंड नहीं बनता तब तक पुराने को ही रेनोवेट कर दिया जाए। इसके लिए एक करोड़ रुपये भी जारी किए गए, जिसके तहत अब बस स्टैंड पर सीवरेज डालने के अलावा इंटरलाकिग टाइलों को लगाने का काम किया जा रहा है। यह पैसा ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से पीआरटीसी को हैंडओवर किया गया है। पटेल नगर में 17.5 एकड़ जमीन पर बनना है एसी बस स्टैंड

पटेल नगर में 17.5 एकड़ जमीन पर एसी बस स्टैंड का निर्माण किया जाना है। नगर सुधार ट्रस्ट बस स्टैंड का निर्माण करवाने को लेकर बस स्टैंड की साइट पर मिट्टी जांचने का टेंडर भी लगा चुका है। इस टेंडर के आधार पर जमीन में बेयरिग कैपेसिटी की जांच की गई। नगर सुधार ट्रस्ट के एक्सईएन गुरराज सिंह का कहना है कि बस स्टैंड के निर्माण का काम अब नगर निगम की ओर से किया जाएगा। बस स्टैंड बना तो मिलेगी ये सुविधाएं

बठिडा के बस स्टैंड का निर्माण हो जाता है तो लोगों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। बस स्टैंड के निर्माण करने के दौरान वर्कशाप व रिपेयर संबंधी बसों की रिपेयर के लिए कमरे व हाल, 125 बसों को खड़ा करने के लिए ग्राउंड, बस वाशिंग प्लांट, ग्रीस रूम को शामिल किया गया है। वहीं वर्कशाप से संबंधित दफ्तर में व‌र्क्स मैनेजर, इंजीनियर दफ्तर, वर्कशाप ब्रांच, टीएसवी ब्रांच, आंकड़ा ब्रांच, मिस्त्रियों के आराम के लिए एक-एक कमरा और हाई सिक्योरिटी कैश ब्रांच व बुकिग ब्रांच के लिए दो-दो कमरे होंगे। अफसरों व विभिन्न ब्रांचों में होने वाले काम के लिए एक-एक कमरा तो विद्यार्थी पास के लिए दो कमरे होंगे। शौचालयों, पीने वाले पानी के लिए वाटर कूलर व पार्किंग का प्रबंध जरूरत अनुसार होगा। डिजाइन तैयार करने में ही खर्च कर दिए लाखों रुपये बठिडा के एसी बस स्टैंड का निर्माण करने से पहले डिजाइन तैयार करने पर ही लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। इसके लिए टेंडर निकाल कर देश विदेश की कंपनियों में मुकाबला करवाया गया था, जिसमें पहले नंबर पर आने वाले तीन लाख, दूसरे नंबर पर आने वाले को दो लाख व तीसरे नंबर पर आने वाले को एक लाख रुपये का इनाम भी दिया गया। एलकेएस इंडिया कंपनी, जिनका हेड आफिस स्पेन में है, ने पहला स्थान हासिल किया था। इसके अलावा बस स्टैंड पर सात एकड़ जमीन प्रोजेक्ट व्यापार के लिए आरक्षित रखी गई थी। कुल मिलाकर बठिडा का यह एसी बस स्टैंड राजनीति की भेंट चढ़ गया है।

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