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जिला प्रशासन की वेबसाइट पर नहीं है अस्पतालों में बेड और आक्सीजन की जानकारी

जिला प्रशासन की वेबसाइट पर नहीं है अस्पतालों में बेड और आक्सीजन की जानकारी

लुधियाना प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए बेहतरीन प्रयास किया है।

JagranThu, 29 Apr 2021 05:51 AM (IST)

जागरण संवाददाता, बठिंडा: लुधियाना प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए बेहतरीन प्रयास किया है। लुधियानाडाटएनआइसीडॉटइन वेबसाइट पर कोरोना से संबंधित न केवल हर जानकारी उपलब्ध है, बल्कि एक क्लिक पर यह जानकारी मिल रही है कि लुधियाना के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए कितने बेड है? कितनी रेमडेसिविर इंजेक्शन व कितनी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध है? यहां तक कि आक्सीजन कितनी है, यह भी बताया गया है। हालांकि इस पर बठिंडा प्रशासन अब तक कोई काम नहीं कर पाया है। उसे भी काम में पारदर्शिता लाने और मरीजों के परिवारों की भागदौड़ को कम करने के लिए लुधियाना की तर्ज पर बठिंडा की वेबसाइट पर यह पहल करनी चाहिए ताकि लोग घर बैठे ही सारी जानकारी हासिल कर सकें।

फिल्हाल ऐसी व्यवस्था न होने के कारण बठिडा के लोगों को कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। सेहत विभाग की तरफ से अब तक रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट तक नहीं की जा रही है। लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि जिले में कितने निजी अस्पताल व कितने सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वहीं कोरोना रोधी वैक्सीन का कितना स्टाक है? रेमडेसिविर कितनी है? जिले की वेबसाइट में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वैक्सीन का प्रचार जरूर किया है। कोरोना से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बताई गई है, पर वर्तमान में जिन चीजों की जरूरत है उनका उल्लेख नहीं है।

उधर, डिप्टी कमिश्नर बी.श्रीनिवासन का कहना है कि उनके द्वारा भी यह जानकारी जल्द ही जिला प्रशासन के पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। इस पर काम चल रहा है। इसके बाद बठिडा के लोग भी आनलाइन अस्पतालों में बेड के अलावा रेमडेसिविर इंजेक्शन की जानकारी हासिल कर सकेंगे। निजी अस्पताल कर रहे मनमानी

जिले में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में लेवल टू और थ्री के बेड की सुविधा न होने के कारण निजी अस्पताल बेडों की कमी बताकर मनमर्जी की फीस वसूल रहे हैं। यह इसी कारण है कि जिला प्रशासन व सेहत विभाग की तरफ से यह जानकारी ही नहीं दी जा रही कि किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं। यह जानकारी अगर विभाग की वेबसाइट पर होगी, तो मरीजों को निजी अस्पताल लूट नहीं पाएंगे। जिले में बठिडा ही नहीं, आसपास के शहरों के अलावा हरियाणा व राजस्थान के लोग भी भर्ती होते हैं। ऐसे में उन्हें यहां आकर ही स्थिति का पता चलता है। वेबसाइट पर मिलेगी ये जानकारी

' प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में खाली बेड कितने हैं

' किस अस्पताल में कितने रेमडेसिविर इंजेक्शनों की जरूरत है और प्रशासन ने कितने भेजे

' किस अस्पताल में कितनी आक्सीजन की जरूरत है और किसे कितनी सप्लाई की जा रही

' किस अस्पताल में कितनी वैक्सीन लगी और कितनी डोज शेष है

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