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अपनी सेवाएं रेगुलर करने की मांग को लेबोरेटरी टेक्नीशियन ने की नारेबाजी

जासं, बठिडा : सिविल अस्पतालों में ठेके पर तैनात लेबोरेटरी टेक्नीशियन ने अपनी सेवाएं रेगुलर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन जिला प्रधान बलदेव सिंह रोमाणा व सेक्रेटरी हाकम सिंह की अगुवाई में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न सेहत केंद्रों पर तैनात एमएलटी शामिल हुए। इस मौके एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि लैब टेक्नीशियन पिछले करीब 10 साल से सेहत विभाग में ठेके पर सेवाएं प्रदान कर रहे है। विभाग की नीतियों की पालना करते हुए उनकी नियुक्तियां की गई थी। राज्य में आने वाली हर सरकार के सेहत मंत्री के समक्ष उनकी सेवाएं रेगुलर करने की मांग रखी, परंतु उनकी मांगों को प्रति किसी भी सरकार के मंत्री ने ध्यान नहीं दिया। प्रधान बलदेव सिंह रोमाणा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना काल में हाइरिस्क पर उनके साथी लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहे है। मुलाजिमों के वेतन भी इतने कम है कि घर का गुजारा भी मुश्किल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभाग में कोविड-19 में काम करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है, इन कर्मचारियों के पास न ही कोई डिग्री है और न ही अनुभव। इन कर्मचारियों को सरकार 30 से 35 हजार रुपए तक वेतन दिए जा रहे है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि विभाग में 10 वर्षों से ठेके पर तैनात लैब टेक्नीशियनों को वेतन के नाम पर मात्र 10 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लैब टेक्नीशियन इस महामारी के समय वह ड्यूटी करने से पीछे नहीं हट रहे, लेकिन अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिता है। सरकार से मांग है कि बिना देरी किए सभी स्टाफ को फुल पे स्केल पर रेगुलर किया जाए। उनको बीमा में दायरे में लाया जाए। इस मौके दर्शन सिंह खालसा, प्रबोध सिगला, अजय कुमार शर्मा, सूरज प्रकाश, नीलम रानी, मनप्रीत कौर, रिचा रानी, गुरप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, गगन, निशा, मनिदर सिंह, बलवंत सिहं, सुरिदर कौर, रेनू बाला, सुखपाल, मंदीप कौर के अलावा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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