पराली न जलाने का संदेश देने के लिए रवाना की वैन

डीसी अरविद पाल सिंह संधू द्वारा पराली जलाने के खिलाफ किसानों को जागरूक करने के लिए तीन जागरूकता वैनों को रवाना किया गया।

JagranFri, 08 Oct 2021 09:55 PM (IST)
पराली न जलाने का संदेश देने के लिए रवाना की वैन

जासं,बठिडा: डीसी अरविद पाल सिंह संधू द्वारा पराली जलाने के खिलाफ किसानों को जागरूक करने के लिए तीन जागरूकता वैनों को रवाना किया गया। इन वैनों के जरिए जिले के सभी गांवों में पराली की संभाल करने व पराली को आग लगाने से होने वाले दुरप्रभावों बारे जागरूक किया जाएगा।

जागरूकता वैनों को हरी झंडी देकर रवाना करते समय डीसी संधू ने कहा कि वैनों में आडियो संदेश चलाए जाएंगे व लोगों को पराली जलाने के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। धान की पराली किसानों के लिए बहुत लाभदायक है और इसे किसी भी कीमत पर जलाया नहीं जाना चाहिए। फसल की पराली मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है और साथ ही किसानों को अपील की वह पराली प्रबंधन के लिए खेती औजारों का प्रयोग करे जिससे जिले को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। मोबाइल वैन रवाना करते समय ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर डा. जगदीश सिंह, ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर मौड़ डा. डूंघर सिंह बराड़, ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर रामपुरा डा. परमिन्द्र जीत सिंह, ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर संगत डा. धर्मपाल मोर्या, मनदीप सिंह व नवजीत ढिल्लो आदि मौजूद थे। गुलाबी सुंडी से प्रंभावित फसल की गिरदावरी जल्द मुकम्मल हो: डीसी डीसी अरविद पाल सिंह संधू ने पराली की संभाल व इसको आग लगाने से बचाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आदेश देते कहा कि पराली प्रबंधन के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किए जाए। खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि पराली प्रबंधन के लिए अधिक से अधिक गांवों में कैंप लगाकर पराली जलाने के दुरप्रभाव व पराली की संभाल के लिए किसानों को जागरूक किया जाए।

जिलाधीश ने जिला शिक्षा अफसर सैकेंडरी व ऐलीमेंटरी को आदेश देते कहा कि पराली की संभाल व इसे आग न लगाने के लिए स्कूलों के विद्यार्थियों के जरिए उनके माता-पिता को जागरूक करवाया जाए। जिले से संबंधित उप मंडल मैजिस्ट्रेट को कहा कि वह ब्लाक विकास व पंचायत अफसरों और ब्लाक शिक्षा अफसरों के साथ सांझी कमेटी बनाकर पराली को जलाने से बचाने के लिए मुहिम जारी रखें। उन्होंने माल विभाग के अधिकारियों के साथ की गई विशेष बैठक दौरान संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि जिले में गुलाबी सुंडी से प्रभावित हुई नरमे की फसल की गिरदावरी हर हालत में 10 अक्टूबर तक मुकम्मल की जाए ताकि प्रभावित किसानों को समय समय पर बनता मुआवजा मुहैया करवाया जा सके।

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