बारदाने की कमी से गहराने लगी लिफ्टिग की समस्या

बारदाने की कमी से गहराने लगी लिफ्टिग की समस्या

गेहूं की खरीद के लिए बारदाने की कमी के साथ-साथ लिफ्टिग की समस्या भी उत्पन्न होने लगी है।

JagranSat, 17 Apr 2021 11:05 PM (IST)

सुभाष चंद्र, बठिडा

गेहूं की खरीद के लिए बारदाने की कमी के साथ-साथ लिफ्टिग की समस्या भी उत्पन्न होने लगी है। बारदाने की कमी के कारण जहां खरीद की गति धीमी करनी पड़ रही है, वहीं स्पेस का अभाव लिफ्टिग में दिक्कत बन रहा है। किसानों को बारदाने की कमी की वजह से गेहूं की खरीद न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि संबंधित अधिकारियों का दावा है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है। 50 फीसद बरदाना उनके पास मौजूद है। किसी को एडवांस में बारदाना जारी नहीं किया जा सकता है, जबकि लिफ्टिग 72 घंटे के अंदर-अंदर करनी होती है। जिस खरीद को 72 घंटे हो चुके हैं, वह माल सौ फीसद मंडियों से लिफ्ट किया जा चुका है। वहीं सूत्रों की मानें तो अब तक 35 फीसद बारदाना ही पहुंचा था, जिसमें से 25 फीसद बारदाना खत्म हो चुका है।

जिले के मुख्य यार्ड बठिडा में गांव गुलाबगढ़ निवासी नछत्तर सिंह पिछले करीब एक सप्ताह से बैठे थे। बीते वीरवार को बोली लगी, जबकि शनिवार को बारदाना आने पर उसकी भराई हुई है। उन्हें अपना गेहूं बेचने में करीब एक सप्ताह लग गया। बठिडा निवासी किसान गुरदियाल सिंह बीते वीरवार को गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन अब तक गेहूं बिका नहीं। गुरदियाल का कहना है कि आढ़ती कहते हैं कि अभी बारदाना नहीं है। गांव सैणेवाला निवासी किसान सुखवंत सिंह ने कहा कि उनके गेहूं की बीते शुक्रवार को बोली लगी है, लेकिन बारदाना न पहुंचने की वजह से तुलाई नहीं हुई है। जब तक बारदाना नहीं आता उन्हें मंडी में बैठना पड़ेगा। यहां बारदाने की भी कमी और लिफ्टिग की भी समस्या: आढ़ती

आढ़ती राज कुमार ने कहा कि बारदाने की बड़ी कमी है। पांच गांठ बारदाने की मांग की थी, बड़ी मुश्किल से दो गांठ मिली हैं। कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतीश कुमार बब्बू भी कहते हैं कि बारदाने की कमी भी है और लिफ्टिग की भी। ग्रामीण केंद्रों पर लिफ्टिग की स्थित बदतर

ग्रामीण क्षेत्र के खरीद केंद्रों की स्थिति लिफ्टिग को लेकर बेहद खराब है। गांव पक्का कलां के खरीद केंद्र पर दस हजार बोरी लिफ्टिग के इंतजार में पड़ी है। 30 हजार बोरी के करीब गेहूं खुला पड़ा है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक एक ट्राली माल लिफ्ट हुआ था। इससे भी बदतर स्थिति कोटशमीर खरीद केंद्र की है। यहां पर 60 हजार बोरी लिफ्टिग के इंतजार में पड़ी है और इतना ही माल खुला पड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि तमाम गोदाम पिछले वर्ष के गेहूं की साथ भरे पड़े हैं। 72 घंटे में खरीदा 100 फीसद गेहूं हुआ लिफ्ट: डीएफएससी

डीएफएससी जसवीर सिंह काहलों का दावा है कि सब कुछ ठीकठाक चल रहा है। बारदाने की कोई कमी नहीं है। 50 फीसद बारदाना उपलब्ध है। बाकी बारदाना और आ जाएगा। किसी भी आढ़ती को बारदाना एडवांस में नहीं दिया जा रहा है। जितने गेहूं की खरीद होती है, उतना ही बारदाना जारी किया जा रहा है। लिफ्टिग 72 घंटे में करनी होती है। 72 घंटे पहले खरीद हुआ 100 फीसद गेहूं उठाया जा चुका है।

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