कोरोना की तीसरी लहर खतरा.. जिले में बच्चों की सुरक्षा के लिए नहीं कोई तैयारी

कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में काफी कहर मचाया।

JagranSat, 05 Jun 2021 05:56 AM (IST)
कोरोना की तीसरी लहर खतरा.. जिले में बच्चों की सुरक्षा के लिए नहीं कोई तैयारी

जागरण संवाददाता: कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में काफी कहर मचाया। हजारों की तादाद में जहां लोगों कोरोना संक्रमित हुए, वहीं हररोज दर्जनों लोगों की मौत हुई। सेहत विभाग की आधी-अधूरी तैयारियां का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। सिविल अस्प्ताल में सुविधाएं न होने के चलते लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगे दामों में इलाज करवाना पड़ा। अब बेशक दूसरी लहर खत्म होने को है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं। आशंका जताई जा रही है कि तीसरी लहर आएगी जो पहली व दूसरी से भी खतरनाक साबित होगी और छोटे बच्चों को अपनी चपेट में लेगी। इसके बावजूद जिले में इसकी कोई तैयारी नहीं की गई है।

सरकारी के साथ-साथ शहर के निजी अस्पताल भी तीसरी लहर को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक जिले के एक प्राइवेट अस्पताल को छोड़कर बाकी किसी भी बच्चों के प्राइवेट अस्पताल ने लेवल टू या थ्री के बेड लगाने की मंजूरी के लिए जिला प्रशासन या सेहत विभाग के पास आवदेन तक नहीं किया है। शहर में 20 से ज्यादा बच्चों के प्राइवेट अस्पताल हैं, जहां पर बच्चों के कोविड केयर सेंटर बनाकर वहां पर उनका इलाज किया जा सकता है। वहीं सिविल अस्पताल के मौजूद आइसोलेशन वार्ड में दो कोविड पाजिटिव बच्चे उपचार के लिए दाखिल हैं, जबकि सिविल अस्पताल में आइसीयू व वेंटीलेटर भी नहीं हैं। ऐसे में लेवल थ्री के बच्चों को फरीदकोट मेडिकल कालेज या फिर निजी अस्पताल में ही जाना पड़ेगा। सिविल अस्पताल में नहीं निक्कू और टिक्कू वार्ड

सेहत विभाग के हेल्थ डायरेक्टर ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर अपने जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में कोविड पाजिटिव बच्चों के इलाज के लिए प्रबंधों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही सिविल सर्जन को एक फार्म भी भेजा है, जिसमें कोविड को लेकर अस्पतालों में क्या-क्या सुविधाएं हैं और क्या नहीं है, इसकी पूरी डिटेल मांगी है। पूछा गया है कि क्या बच्चों के लिए आइसीयू व पीडियोटिक वार्ड मौजूद हैं या नहीं? सिविल अस्पताल की बात करें, तो यहां पर केवल एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) है। वहीं बच्चों के लिए सभी तरह की इमरजेंसी सुविधाओं से लैस निक्कू और टिक्कू वार्ड सिविल अस्पताल में नहीं हैं। जिले के इक्का-दुक्का प्राइवेट अस्पतालों में ही (निक्कू) एनआइसीयू और (पिक्कू) पीआइसीयू वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। एल-3 के बच्चों को किया जाएगा रेफर: एसएमओ

वूमेन व चिल्ड्रन अस्पताल के एसएमओ डा. सुखजिदर सिंह गिल ने बताया कि अस्पताल में लेवल-2 का 10 बेड वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया जा चुका है, जिसमें मौजूदा समय में दो बच्चे दाखिल हैं और उनका इलाज चल रहा है। दोनों की हालत ठीक है। उनके पास लेवल-3 की सुविधा नहीं है। अगर उनके पास भविष्य में ऐसा कोई भी बच्चा आता है, जिसे वेटीलेंटर की जरूरत पड़ती है, तो उसे फरीदकोट मेडिकल कालेज में रेफर किया जाएगा। अस्पताल में एनआइसीयू और पीआइसीयू की सुविधा मौजूद नहीं है।

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