सरकारी अफसरों व मुलाजिमों के घर तोड़कर बीडीए काटेगा रिहायशी कालोनी

सरकारी अफसरों व मुलाजिमों के घर तोड़कर बीडीए काटेगा रिहायशी कालोनी

64 एकड़ जमीन को खाली करवाने के बाद जिला प्रशासन इसे बीडीए को सौंप देगा।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 05:22 AM (IST) Author: Jagran

साहिल गर्ग, बठिडा

कामर्शियल हब के नाम से विकसित किए जाने वाले सिविल स्टेशन व पुलिस लाइन के एरिया की 64 एकड़ जमीन को खाली करवाने के बाद जिला प्रशासन इसे बीडीए को सौंप देगा। इस दौरान यहां रिहायशी मकानों में रहने वाले अधिकारियों व मुलाजिमों को थर्मल कालोनी में शिफ्ट करने की योजना है। उन्हें यहां से शिफ्ट करने के पीछे तर्क दिया गया है कि सिविल लाइन स्टेशन में बारिश का पानी ज्यादा जमा हो जाता है, जिसके चलते यह सारा एरिया तोड़कर नया कामर्शियल हब बनाया जाएगा। हालांकि बीडीए की ओर से तैयार किए गए प्रोजेक्ट के अनुसार यहां की 64 एकड़ जमीन में से 22.18 एकड़ जमीन पर रिहायशी कालोनी काटने के अलावा फ्लैट बनाने की योजना है।

दरअसल, इस समय सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले अधिकारियों व मुलाजिमों से हाऊस रेंट के नाम पर सरकार को ज्यादा आमदन नहीं होती। मगर रिहायशी कालोनी काटे जाने के बाद इसको महंगे दाम पर बेच दिया जाएगा। इसके लिए बीडीए ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। सिविल लाइन स्टेशन में 12.58 एकड़ जमीन पर कामर्शियल, 1.48 एकड़ जमीन पर होटल, 16.29 एकड़ जमीन पर रिहायशी कालोनी व 2.32 एकड़ जमीन पर रिहायशी फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इसके अलावा पुलिस लाइन की 2.59 एकड़ जमीन को कामर्शियल, 3.87 एकड़ जमीन को रिहायशी व 4.24 एकड़ जमीन को पार्कों के लिए डवलप किया जाएगा। इन सभी को तैयार करने के लिए बीडीए ने 400 करोड़ के करीब का बजट तैयार किया है। फिल्हाल थर्मल कालोनी में रहने वाले अधिकारियों की तरफ से कोर्ट में स्टे ले लिया गया है, जिसकी अगली सुनवाई पांच फरवरी को है। यह केस खत्म होने के बाद प्रशासन की ओर से एरिया को शिफ्ट करने का काम हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा। कुल एरिया और वे घर जिन पर चलेगा हथौड़ा

सिविल स्टेशन..

एरिया: 40 एकड़ 24 मरले

ये मकान टूटेंगे : सिविल, ज्यूडिशरी व पुलिस के सीनियर अफसरों के 84 बंगले, दर्जा तीन व चार कर्मचारियों के 240 फ्लैट।

यह दफ्तर बचे रहेंगे: पोस्ट आफिस, बीएसएनएल आफिस, बीएसएनएल रिहायशी कालोनी, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड आफिस, सैनिक भवन, जिला रेडक्रास सोसायटी आफिस, कोआपरेटिव बैंक, आफिस आफ असिस्टेंट रजिस्ट्रार कोआप्रेटिव्स, पब्लिक हेल्थ आफिस, चिल्ड्रन पार्क, म्यूनिसिपल स्विमिग पूल, मिनी सचिवालय, रोजगार भवन, महिला पुलिस स्टेशन, सखी सेंटर व जिला वेलफेयर दफ्तर। पुलिस लाइन..

एरिया : 24 एकड़ 4 कनाल 18 मरले

ये मकान टूटेंगे : सीनियर अफसरों के पांच बंगले और जूनियर अधिकारियों के 77 क्वार्टर।

ये दफ्तर बचे रहेंगे: पुलिस पब्लिक स्कूल, पुलिस एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, डीएसपी दफ्तर, सीएसडब्ल्यू कैंटीन व पुलिस व्हीकल वर्कशाप।

थर्मल कालोनी में अधिकारियों को रैंक के हिसाब से अलाट होंगे घर जिले के एडीसी, एडिशनल जिला सेशन जज व एसपी रैंक के अधिकारियों को 18 घर टाइप-6 व टाइप-7 के अलाट किए जाएंगे। इसके अलावा एसडीएम, डीएसपी, सीजेएम व ए-लेवल के अधिकारियों को टाइप-5 के 90 मकान दिए जाएंगे। वहीं जूनियर अफसरों व कर्मचारियों को 780 मकान देने की योजना तैयार की गई है। इसमें रैंक के हिसाब से टाइप-4 के 40, टाइप-3 के 240, टाइप-2 के 296 व टाइप-1 के 204 मकान दिए जाएंगे। थर्मल कालोनी की स्थिति

एरिया : 283.69 एकड़

फ्लैट: टाइप-7 के सात, टाइप-6 के 34, टाइप-5 के 132, टाइप-4.5 के 21, टाइप-4 के 96, टाइप-3 के 405, टाइप-2 के 440 व टाइप-1 के 360 रिहायशी फ्लैट

चार अफसरों के लिए 10 करोड़ की लागत से बनेंगे बंगले बठिडा के सिविल लाइन एरिया को शिफ्ट करने के बाद थर्मल कालोनी में जिले के चार सीनियर अफसरों के लिए बंगले बनाने की योजना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने 10.50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इनमें आइजी बठिडा जोन, जिला व सेशन जज, डीसी बठिडा व एसएसपी बठिडा के घर शामिल हैं। इन घरों को तैयार करने के पीछे तर्क दिया है कि कालोनी में उपरोक्त चारों अधिकारियों के रहने लायक मकान नहीं हैं, जिसके चलते नए मकान बनाने का प्रस्ताव डाला गया है। थर्मल कालोनी में रिपेयर पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये

रिहायशी घर 25.54 करोड़

मल्टीपर्पज स्पो‌र्ट्स हाल 8.52 करोड़

सड़कों की रिपेयर 3.69 करोड़

वाटर सप्लाई 9.96 करोड़

बिजली के लिए 6.40 करोड़

सिविल लाइन व पुलिस लाइन एरिया को लेकर अभी योजना चल रही है। इस पर जो भी काम होगा, वह सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा। फिल्हाल कोर्ट में केस चल रहा है। इसका नतीजा आने के बाद काम होगा। अभी तो पूरे प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है, जिसमें बदलाव भी हो सकता है।

- परमवीर सिंह, मुख्य प्रशासक, बठिडा डवलपमेंट अथारिटी।

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