प्रबंधों की खुली पोल, बारिश में भीगती रही गेहूं की बोरियां

प्रबंधों की खुली पोल, बारिश में भीगती रही गेहूं की बोरियां

सरकार व जिला प्रशासन का दावा था कि गेहूं के खरीद के प्रबंध मुकम्मल हैं।

JagranThu, 13 May 2021 03:39 PM (IST)

हेमंत राजू, बरनाला

सरकार व जिला प्रशासन का दावा था कि गेहूं के खरीद के प्रबंध मुकम्मल हैं। मंडियों में किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अनाज मंडियों मेंलिफ्टिंग की रफ्तार धीमी होने के कारण गेहूं की बोरियों के अंबार लगे हैं। खुले आसमान के नीचे अनाज मंडियों में पड़ी गेहूं को बारिश के पानी से बचाने के लिए जिला प्रशासन के पास तिरपालों का प्रबंध नहीं। परिणाम यह रहा कि बुधवार रात हुई बारिश के कारण गेहूं की बोरियां भीगती रही। अब गेहूं की बोरियों की नमी बढ़ जाएगी, यहां तक यह अनाज खराब भी हो सकता है।

बता दें कि अनाज मंडियों में पिछले सीजन में इन दिनों गेहूं की लिफ्टिग का काम पूरी तरह से समाप्त हो गया था, परंतु इस बार बाहरी राज्यों के मजदूर कोरोना वायरस की वजह से घर लौट रहे हैं। अनाज मंडियों में लेबर की कमी के कारण लिफ्टिग का काम कच्छुआ चाल पकड़कर धीरे-धीरे चल रहा है। -------------

पहले बारदाने की कमी ने किसानों की नाक में किया था दम

बारदाने की कमी ने भी किसानों की नाक में दम कर दिया था। किसानों ने इस बात को लेकर जिला प्रशासनिक व राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भड़ास निकाली थी। किसानों के रोष के बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने बारदाने की कमी को तो पूरा करवा दिया, लेकिन लेबर की कमी से लिफ्टिग के काम में काफी देरी हो रही है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.