सरकार के खिलाफ एक बार फिर उग्र हुए अस्थायी अध्यापक

पंजाब सरकार में फेरबदल होने के बाद अस्थायी अध्यापक यूनियन ने उग्र रुख अख्तियार कर लिया है।

JagranTue, 21 Sep 2021 05:29 PM (IST)
सरकार के खिलाफ एक बार फिर उग्र हुए अस्थायी अध्यापक

संवाद सहयोगी, अमृतसर : पंजाब सरकार में फेरबदल होने के बाद अस्थायी अध्यापक यूनियन ने उग्र रुख अख्तियार कर लिया है। नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से अपनी मांगों को मनवाने के लिए अस्थायी अध्यापक यूनियन के प्रधान अजमेर सिंह औलख ने 26 सितंबर को मोहाली में हल्ला बोल रोष प्रदर्शन का एलान कर दिया है। इस बाबत अजमेर सिंह औलख व जिला अमृतसर के प्रधान रंजीत सिंह राणा की अगुआई में एक बैठक अमृतसर में हुई। अजमेर सिंह औलख ने अस्थायी अध्यापकों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए एक बार फिर एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने नए मुख्यमंत्री से अस्थायी अध्यापकों की मांगों को हल करवाने के लिए पैनल मीटिग की मांग की है।

औलख ने कहा कि सरकार अस्थायी अध्यापकों को रेगुलर करने से कन्नी कतरा रही है। पहले सरकार ने दस साल अध्यापन की सेवाएं सरकारी स्कूलों में दे चुके अध्यापकों को दस वर्षीय पालिसी के तहत रेगुलर करने का वादा कर रही थी परंतु अब इस वादे से भी पीछे हट रही है। सरकार ने 8393 पोस्टें निकालने का वायदा कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का भी वायदा किया था लेकिन यह वादा भी अभी तक महज आश्वासन सिद्ध हो रहा है। ऐसे में अस्थायी अध्यापक एक बार फिर मुंह ताकने के लिए मजबूर हो गए हैं। सरकार में बदलाव आ गया है और ऐसा लगता है कि सारी प्रक्रिया धीमी हो गई है। अध्यापक पक्के होने के लिए सरकार के नेताओं की ओर देख रहे है। लेकिन इस ओर कोई भी मंत्री व अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए अस्थायी अध्यापकों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।

इस अवसर पर रंजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, अवतार सिंह, रजनी, किरण, रवनीत, मलकीत सिंह, रुपिदर कौर गिल, संदीप सिंह, कैप्टन विमल मौजूद थे।

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