स्टेट कमेटी ने शुरू की जांच, गायनी डाक्टरों सहित डिप्टी मास मीडिया आफिसर के बयान कलमबंद

स्टेट कमेटी ने शुरू की जांच, गायनी डाक्टरों सहित डिप्टी मास मीडिया आफिसर के बयान कलमबंद

। पूर्व सिविल सर्जन डा. नवदीप सिंह द्वारा गर्भवती महिला की डिलीवरी की बनवाई गई वीडियो के मामले की जांच के लिए वीरवार को चंडीगढ़ से स्टेट इंक्वारी कमेटी अमृतसर पहुंची।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:00 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, अमृतसर

पूर्व सिविल सर्जन डा. नवदीप सिंह द्वारा गर्भवती महिला की डिलीवरी की बनवाई गई वीडियो के मामले की जांच के लिए वीरवार को चंडीगढ़ से स्टेट इंक्वारी कमेटी अमृतसर पहुंची।

टीम में स्वास्थ्य विभाग के दो डिप्टी डायरेक्टर शामिल थे। वे सबसे पहले सिविल अस्पताल पहुंचे और गायनी डाक्टरों के बयान कलमबंद किए। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय में आकर डिप्टी मास मीडिया अधिकारी अमरदीप सिंह के बयान लिए। हालांकि टीम ने सारी कार्रवाई बंद कमरे में की और किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया, पर सूत्रों के अनुसार गायनी डाक्टरों ने अपने बयानों में साफ कहा है कि 17 नवंबर को वह लेबर रूम में सिविल सर्जन के साथ नहीं थीं। वहीं डिप्टी मास मीडिया आफिसर अमरजीत सिंह ने भी स्पष्ट कहा कि उन्होंने डा. नवदीप के कहने पर वीडियो बनाई थी और उनके कहने पर ही मीडिया को जारी की थी।

इस टीम की अगुवाई डिप्टी डायेक्टर डा. हरिदर सिंह कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक वह कुछ नहीं कह सकते। खास बात यह है कि टीम ने इस जांच में सिविल सर्जन डा. आरएस सेठी सहित किसी भी प्रोग्राम आफिसर को शामिल नहीं किया। हालांकि यह सवाल उठना भी लाजमी है कि डिप्टी डायरेक्टर पर आधारित यह कमेटी डा. नवदीप की जांच पारदर्शी ढंग से कर पाएंगी? ऐसा इसलिए क्योंकि डा. नवदीप भी डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उनका तकरीबन एक माह का सेवाकाल शेष है।

बहरहाल, मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कमेटी का गठन किया था। वहीं पंजाब महिला आयोग ने दैनिक जागरण में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए डा. नवदीप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर डा. प्रभदीप कौर जौहल व सिविल अस्पताल की चार गायनी डाक्टरों को तलब किया है। इसस मामले में डा. नवदीप सिंह को आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने कड़ी फटकार भी लगाई थी।

सख्त कार्रवाई करे कमेटी

जिस महिला का वीडियो शूट कर प्रसारित किया गया था टीम ने उसके बयान भी लिए। महिला ने बताया कि डिलीवरी से पहले उसे एनेस्थीसिया दिया गया था। उसे मालूम नहीं कि वीडियो किसने बनाई। अगले दिन यह वीडियो मेरे पति के मोबाइल तक पहुंची तब जानकारी मिली। मैं दंग रह गई। इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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