दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

श्रीमद्भागवत गीता से सेवा की भावना पैदा होती है : अशोक

श्रीमद्भागवत गीता से सेवा की भावना पैदा होती है : अशोक

समाजसेवक अशोक कपूर कंपनी बाग लंगर वालों ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता से ही जीव के भीतर सेवा की भावना पैदा होती है। सेवा से ही प्रभु प्राप्त होते हैं।

JagranSat, 15 May 2021 07:38 PM (IST)

संस, अमृतसर : समाजसेवक अशोक कपूर कंपनी बाग लंगर वालों ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता से ही जीव के भीतर सेवा की भावना पैदा होती है। सेवा से ही प्रभु प्राप्त होते हैं। हमें हमेशा समाज में समानता लाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में हमें ऐसी बातों का ज्ञान मिलता है जो कि प्रभु मार्ग बार लेकर जाती है तथा हमें किस तरह जीवन व्यतीत करना चाहिए। इन रहस्यों का पता चलता है। हरेक अध्याय में जीव को मुक्ति का रास्ता प्राप्त होता है। भगवान श्री कृष्ण व सुदामा का मिलन भी समाज में समानता लाने का संदेश है। जरूरतमंद लोगों की सहायता मनुष्य का क‌र्त्तव्य होना चाहिए। जो लोग समर्थ है, उनको समाज में ऐसे काम करने चाहिए। जो समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हो। यही श्रीमद्भागवत गीता का संदेश है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.