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जीएनडीएच में आक्सीजन की आपूर्ति तेज, वेंडर्स के पास कमी

जीएनडीएच में आक्सीजन की आपूर्ति तेज, वेंडर्स के पास कमी

जिले के प्राइवेट आक्सीजन वेंडर्स इन दिनों आक्सीजन संकट से जूझ रहे हैं। सरकार ने ज्यादा से ज्यादा आक्सीजन की आपूर्ति गुरुनानक देव अस्पताल को की है। पानीपत व मोहाली से लिक्विड आक्सीजन के टैंकर सीधे गुरु नानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) भेजे जा रहे हैं।

JagranWed, 12 May 2021 04:28 PM (IST)

नितिन धीमान, अमृतसर : जिले के प्राइवेट आक्सीजन वेंडर्स इन दिनों आक्सीजन संकट से जूझ रहे हैं। सरकार ने ज्यादा से ज्यादा आक्सीजन की आपूर्ति गुरुनानक देव अस्पताल को की है। पानीपत व मोहाली से लिक्विड आक्सीजन के टैंकर सीधे गुरु नानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) भेजे जा रहे हैं। यहां इस आक्सीजन को स्टोरेज टैंक में स्टोर किया जा रहा है, ताकि आक्सीजन का बफर स्टाक तैयार किया जा सके।

दरअसल, कोरोना महामारी के चलते सबसे बड़ी चुनौती आक्सीजन की उपलब्धता है। आक्सीजन संकट से पूरा देश जूझ रहा है। गुरु नानक देव अस्पताल में तकरीबन साढ़े तीन सौ मरीज आक्सीजन स्पोर्ट पर हैं। इन्हें निरंतर आक्सीजन मिलती रही, इसलिए सरकार ने निजी वेंडर्स को सप्लाई कम कर रही है। इसका प्रतिकूल प्रभाव यह निकल रहा है कि निजी अस्पतालों को आक्सीजन की आपूर्ति कम मिलने लगी है और इन अस्पतालों में मरीजों को दाखिल करने से इन्कार किया जा रहा है।

फोकल प्वाइंट स्थित भुल्लर गैस सर्विस के संचालक सुखजीत सिंह के अनुसार उन्हें चार दिन तक आक्सीजन की सप्लाई नहीं मिली। मंगलवार को पांच टन आक्सीजन मिली थी। पूर्व में हमें प्रतिमाह 64 टन लिक्विड आक्सीजन दी जाती थी, पर अब सरकार ने कोटा कम कर दिया है। सप्ताह में एक बार 16 टन का टैंकर भेजा जाता रहा है। अब चार से पांच टन ही मिल रहा है।

यहां बताना जरूरी है कि निजी गैस वेंडर्स से आक्सीजन के सिलेंडर भी भरवाकर गुरु नानक देव अस्पताल में ही मंगवाए जा रहे हैं। हालांकि निजी अस्पतालों में सीमित मात्रा में आक्सीजन सिलेंडर भेजे जा रहे हैं।

यहां उल्लेख करना जरूरी है कि 29 अप्रैल को अस्पताल में आक्सीजन का संकट पैदा हो गया था। सिर्फ दो घंटे की ही आक्सीजन बची थी। तब जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों से आक्सीजन सिलेंडर मंगवाए। इसके साथ ही डायल-108 एंबुलेंस में प्रयोग किए जा रहे आधे सिलेंडर लगाकर मरीजों की सांसों की गति थामे रखी थी। इस स्थिति से बचने के लिए अब प्रशासन लगातार आक्सीजन की आपूर्ति इस अस्पताल में कर रहा है।

जीएनडीएच में बढ़ रही

है मरीजों की संख्या

दरअसल, गुरुनानक देव अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार का पूरा ध्यान यहीं केंद्रित है। इस अस्पताल में दस मीट्रिक टन का एक स्टोरेज टैंकर लगाया गया है। इसमें लगातार आक्सीजन स्टोर की जा रही है। ऐसा इसलिए ताकि जरूरत पड़ने पर इस टैंकर से गैस निकालकर आपूर्ति की जा सके। इसके अतिरिक्त छह टन क्षमता का लिक्विड आक्सीजन प्लांट है, जिसमें लिक्विड आक्सीजन डालकर मेडिकल आक्सीजन में परिवर्तित किया जाता है।

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