नवजोत सिंह सिद्धू ने विजयदशमी पर झुग्गियों में पहुंच मनाया जन्मदिन, कृषि कानूनों पर भी की टिप्पणी

जन्मदिन मनाने के लिए चमरंग रोड पहुंचे सिद्धू। जागरण
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 01:46 PM (IST) Author: Kamlesh Bhatt

जेएनएन, अमृतसर। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने विजयदशमी पर अपना जन्मदिन मनाया। जन्मदिन मनाने के लिए वह चमरंग रोड स्थित झुग्गियों में पहुंचे और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। सिद्धूू का बर्थडे (Navjot Singh Sidhu Birthday) कुछ दिन पहले था, लेकिन उन्होंने आज इसे मनाया। इस दौरान सिद्धू ने कृषि कानूनों पर भी टिप्पणी की। कहा कि कृषि सुधार कानूनों को नाम पर केंद्र सरकार रोटी को जरूरी वस्तुओं से बाहर कर गई है। 

सिद्धू ने कृषि सुधार कानूनों पर पीएम मोदी को भी घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अंबानी और अडानी का शुभचिंतक बताया। कहा किसानों की बात न सुनने वालों का पतन निश्चित है। उन्होंने कहा कि सरकारी मंडियों में ऑनलाइन खरीद होती थी फिर ये कानून लाने की जरूरत क्या थी। यह कानून बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हर समस्या का समाधान कर सकती है। पंजाब सरकार के पास फसल की स्टोरेज क्षमता नहीं है। मार्केट में सीधे अन्न सप्लाई करने का जरिया नहीं। पूंजीपतियों के पास दुकानें हैं, स्टोरेज हैं, ट्रांसपोर्ट भी, पर किसानों के पास एक दिन भी अपना अन्न रखने की जगह नहीं। क्यों न पंजाब सरकार हर पांच गांवों में कोल्ड स्टोेर बनाए। पंजाब में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री बनाई जाए।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार किसानी में इन्वेस्ट करे तो केंद्र का दखल ही खत्म हो जाएगा। पंजाब में फसल का डायवर्सिफिकेशन क्यों नहीं होता, क्योंकि सिर्फ दो ही फसलों पर एमएसपी है। ऐसे में किसान दो फसलों की पैदावर को प्राथमिकता देता है। पंजाब में सरकारी खरीद का डिमांड सप्लाई माडल बनाया जाए। तीन करोड़ की आबादी वाले पंजाब मेें सरकारी खरीद हो। किसान खुद फसल बीजेे और खुद ही बेचे। पंजाब सरकार ने कृषि कानूनोंं का विरोध कर विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया, यह प्रशंसनीय है।

नवजोत सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि अहंकारी रावण का अहंकार भी टूट गया था। केंद्र सरकार का अहंकार भी शीघ्र ही टूट जाएगा। मोदी सरकार जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज दबा रही है। वह हर साल पांच-पांच लाख करोड़ रुपये अंबानी व अडानी को यह कहकर छोड़ देते हैं कि यह इन्सेंटिव है। जब गरीब को कुछ देना पड़े तो इसे सब्सिडी का नाम दिया जाता है। कृषि कानून से सरकारी खरीद दूर के ढोल हो जाएंगे। यह कानून इसलिए लाया गया तो किसानों के कानूनी अधिकार छीनकर अंबानी व अडानी के हाथों में पंजाब की मंडियां सौंप दी जाएं।

सिद्धू ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को बिजली की सब्सिडी भी बंद कर दी जाएगी। इससे महंगाई बढ़ेगी, भुखमरी आएगी। गोदाम में अनाज तो होगा, पर अंबानी, अडानी इसे पचास से सौ गुणा रेट पर बेचेंगे। मोदी सरकार ने रोटी को बुनिदी जरूरत में शामिल नहीं किया। यह मोदी सरकार का अहंकार है, जिसे तोड़ना जरूरी है। 

सिद्धू ने कहा कि पच्चीस सालों से किसान खुदकशी कर रहा है। अस्सी करोड़ गरीबों का पेट भरने के लिए हम हरित क्रांति लाए। किसानों ने अस्सी करोड़ लोगों का पेट भरा, लेकिन किसान कर्ज के बोझ तले दबता चला गया। केंद्र सरकार ने उसका साथ नहीं दिया। 

कंबल हासिल करने के लिए मची अफरातफरी

वार्ड नंबर 47 के पार्षद शैलेंद्र शैली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भव्य पंडाल सजाया गया था। झुग्गियों में रहने वाले लोगों को 5000 कंबल वितरित किए गए। सिद्धू ने कुछेक लोगों को कंबल वितरित किए और फिर झुग्गियों में रहने वाले दो लोगों को थाली में खाना परोसकर चले गए। इसके बाद यहां कंबल हासिल करने के लिए लोगों का जमघट उमड़ गया। भारी अफरातफरी मच गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया पर असफल रही।

बिना मास्कर थे सिद्धू व पार्षद

कोरोना काल में सिद्धू सहित किसी भी पार्षद ने मास्क नहीं पहना था। यहां कि तक मंच पर विराजमान सभी पार्षद व कांग्रेस नेताओं ने शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं किया। दर्शक दीर्घा में बैठे तकरीबन एक हजार लोग भी मास्क के बगैर थे। इस अवसर पर राजिंदर सैनी, राजेश मदान, अजीत सिंह भाटिया, मोती भाटिया, नीरज वडाला, हरपाल सिंह वेरका, राजी महाजन, दमनदीप सिंह, जसमीत सोढी भी उपस्थित थे।

 

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