गायकी का शौक रखते हैं दत्ती, बेटी की शादी में गाया था बालीवुड गीत

गायकी का शौक रखते हैं दत्ती, बेटी की शादी में गाया था बालीवुड गीत

मीठी बोली और हर किसी को मुस्कुराते हुए मिलना छोटे-बड़ों को जी कहकर संबोधित करना। कुछ ऐसा ही स्वभाव है विधायक सुनील दत्ती का।

JagranFri, 23 Apr 2021 09:30 AM (IST)

विपिन कुमार राणा, अमृतसर

मीठी बोली और हर किसी को मुस्कुराते हुए मिलना, छोटे-बड़ों को जी कहकर संबोधित करना और हर किसी की बात को सहजता से सुनते हुए, उसका हल करवाना। कुछ ऐसा ही स्वभाव है विधायक सुनील दत्ती का। लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करना जहा उनकी रुटीन में शुमार है, वहीं अपने कार्यक्रम शेडयूल डायरी तक वह खुद मेंटेन करते हैं। शायद यही वजह है कि कोई भी कार्यक्रम छूटता नहीं है।

सियासी व्यस्तता के बावजूद वह अपनी फिटनेस के लिए भी शहर में जाने-जाते है। जब हमने उनसे इसका राज जानना चाहा तो उन्होंने कहा, बारिश हो या तूफान, पिछले तीस सालों से उन्होंने अपनी सैर की रुटीन को कभी मिस नहीं किया। या यूं कहूं कि सैर में उनकी आत्मा में बसती है। रोजाना सैर से ही उन्हें पूरा दिन काम करने की ऊर्जा मिलती है। दत्ती रोजाना 50 मिनट सैर और फिर 20 मिनट योगासन करते हैं। सप्ताह में तीन दिन वह साइकिलिंग करते हैं। बकौल दत्ती लंबे समय तक उन्होंने गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के खेल मैदान में सैर की और अब कंपनी बाग या फिर रेसकोर्स रोड के साइकिल ट्रैक या कभी-कभार अमृत आनद बाग में सैर भी करने चले जाते हैं। सैर के साथ लोगों से मिलना भी हो जाता है।

बकौल दत्ती उन्हें गीत सुनने के साथ गाने का भी शौक है। जब भी समय मिलता है तो वह पुराने गीत सुनना पसंद करते हैं। ज्यादातर वह मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और लता के गाने सुनते हैं। खास बात यह है कि दत्ती को कभी पारिवारिक फंक्शन में गाने का मौका मिलता है तो वह माइक पकड़कर गुनगुनाने में भी गुरेज नहीं करते। हाल ही में जब उन्होंने दिल्ली में बेटी की शादी की तो उन्होंने वहां बालीवुड फिल्म जुर्म का गीत 'जब कोई बात बिगड़ जाए' गाया था। यह गीत सुनकर वहां मौजूद सभी ने इसे खूब पसंद किया। उनका गाए इस गाने की वीडियो उनके करीबियों में वाट्सएप पर खूब वायरल हुई। सैर के लिए ट्रैक सूट से लेकर जूते खुद करते हैं पसंद

कपड़ों के मामले में दत्ती की अपनी कुछ खास च्वाइस नहीं है। उनकी पत्नी राधिका दत्ती ही मार्केट से उनके लिए कपडे़ पसंद करके खरीदकर लाती हैं। बकौल दत्ती, सियासत से जुड़े लोगों को ज्यादा कुर्ता पायजामा पहनना पसंद है, पर उन्हें रुटीन पैंट शर्ट पहनना ही अच्छा लगता है। हा, सैर के लिए ट्रैक सूट से लेकर जूते वह खुद पसंद कर खरीदते हैं। ब्राडेड में उन्हें खुद ज्यादा पसंद नहीं है। उनका कहना है कि जो चीज पहनने में कंफर्टेबल हो, उन्हें वही पसंद है। बागवानी को भी देते हैं समय

दत्ती पर्यावरण को लेकर खासे सजग हैं। वह अक्सर जहा भी जाते हैं तो लोगों को सलाह जरूर देते है कि अपने आसपास अधिकाधिक पौधे लगाएं। उनकी अपनी रुटीन की बात करें तो घर के बाग में लगे हुए पौधों को भी उन्होंने अपने बच्चों की तरह पाला हुआ है। रोजाना खुद वह पौधों की देखभाल करते है और जो भी पौधा उन्हें कमजोर दिखाता है तो हार्टिकल्चर वालों से बात कर उसे तत्काल ठीक करवाते हैं। संयुक्त परिवार में बसती है इनकी जान

विधायक दत्ती 1997 में पार्षद, फिर मेयर बनें और अब विधायक हैं। उनकी जान उनके संयुक्त परिवार में बसती है। वैसे तो उनका पूरा परिवार ही सियासी है। भट्ठे व प्रापर्टी के कारोबारी दत्ती की भाभी ममता दत्त वरिष्ठ पार्षद होने के साथ-साथ पंजाब महिला काग्रेस की प्रधान और खादी ग्राम उद्योग बोर्ड की चेयरपर्सन हीं। छोटा भाई समीर दत्ती सोनू भी पार्षद हैं और बेटा आदित्य दत्ती यूथ काग्रेस के चुने हुए प्रधान है। चौधरी खानदान से संबंधित दत्ती परिवार शुरू से ही संयुक्त परिवार में रहे हैं। पहले शेरशाह सूरी रोड पर तीनों भाई अपने परिवार के साथ रहते रहे हैं। अब फिर एक साथ तीनों ने बटाला रोड पर एक प्रांगण में कोठिया बनाई हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.