डेंगू मच्छर से जंग के लिए प्रबंधों में जुटा निगम और सेहत विभाग

कोरोना वायरस ने चिकित्सा तंत्र को अपने ही इर्द-गिर्द उलझाए रखा। इसी कारण अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की ओर विभाग ध्यान नहीं दे पाया।

JagranFri, 18 Jun 2021 10:00 AM (IST)
डेंगू मच्छर से जंग के लिए प्रबंधों में जुटा निगम और सेहत विभाग

नितिन धीमान, अमृतसर: कोरोना वायरस ने चिकित्सा तंत्र को अपने ही इर्द-गिर्द उलझाए रखा। इसी कारण अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की ओर विभाग ध्यान नहीं दे पाया। इस साल कोरोना काल में डेंगू के दो मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं। डेंगू मरीजों की संख्या इसलिए भी कम है क्योंकि इस बार विभाग डेंगू का एलाइजा टेस्ट नहीं करवा पाया। अब ज्यों-ज्यों कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है, त्यों-त्यों ही स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम प्रशासन डेंगू के खिलाफ जंग शुरू कर रहा है। अमृतसर में दोनों ही महत्वपूर्ण विभागों पर आधारित डेंगू टास्क फोर्स की मीटिग भी हो चुकी है, जिसमें इस मच्छर से लड़ने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई। निगम के प्रबंध

डेंगू मच्छर के खात्मे के लिए अमृतसर के हर विधानसभा क्षेत्र में दो छोटी फागिग मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। वहीं चार बड़ी फागिग वैन भी हैं। यह पर्याप्त हैं। अभी फागिग सीमित क्षेत्रों में जारी है, क्योंकि डेंगू मच्छर का प्रकोप बढ़ा नहीं है। जल्द ही हर विधानसभा क्षेत्र में सुबह व शाम को फागिग शुरू की जाएग। स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध

स्वास्थ्य विभाग के पास पांच हैंडी फागिग मशीनें हैं। स्वास्थ्य विभाग उस स्थिति में दवा का छिड़काव करता है जब किसी क्षेत्र में संक्रमित रिपोर्ट हुआ हो। इसके लिए पंद्रह टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक हेल्थ वर्कर, स्प्रे मैन व सेनेटरी इंस्पेक्टर है। साधारण मच्छर ऐसे बनता है डेंगू

डेंगू रोग संक्रमित मच्छर से फैलता है। यह जानकर हैरानी होगी कि एक साधारण मच्छर तब डेंगू मच्छर बनता है जब वह डेंगू पाजिटिव किसी मरीज को काट ले। यानी इंसान से मच्छर भी डेंगू पाजिटिव हो जाता है। संक्रमित मच्छर स्वस्थ मनुष्य को काटकर इस रोग की चपेट में पहुंचा देता है। 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान

किसी भी घर अथवा संस्थान में डेंगू लारवा मिलने पर पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वर्ष 2020 में निगम ने 451 स्थानों पर चालान काटे। इस मद में 2 लाख 25 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया जो निगम के गल्ले में जमा हुआ। डेंगू बुखार से पीड़ित हों तो यह सावधानी बरतें

डेंगू बुखार होने पर डाक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें। बार-बार पानी व तरल पदार्थो का सेवन करते रहें। शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। सबसे जरूरी इंसान के रक्त में प्लेट्लेट्स की संख्या है। यदि प्लेट्लेट्स एक लाख से नीचे आते हैं तो एक दो बार पुन: टेस्ट करवाएं। यदि यह अस्सी हजार से नीचे चले जाते हैं तो आपको अस्पताल में दाखिल होना पड़ सकता है। प्लेट्लेट्स पूरे करने के लिए एफ्रेसिस मशीन से प्लेट्लेट्स दिए जाते हैं। मेडिसिन डाक्टर मनिदर सिंह का कहना है कि डेंगू जानलेवा हो सकता है, पर जरा सी सावधानियां अपनाकर इससे मुक्ति पाई जा सकती है। तीसरी स्टेज पर खतरनाक हो सकता है डेंगू

डेंगू बुखार मुख्यत: तीन प्रकार से होता है। साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हैमरेजिक बुखार (डीएचएफ) और डेंगू शॉक सिड्रोम (डीएसएस)। इनमें सबसे खतरनाक स्थिति है डेंगू शॉक सिड्रोम। इससे पीड़ित मरीजों को बेचैनी महसूस होना, तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी होना, बेहोशी हावी होना, नाड़ी कभी तेज कभी धीरे चलना और ब्लड प्रेशर एकदम कम हो जाना। मरीज की सांस उखड़ती है, हृदय की धड़कनें बढ़ जाती हैं। धड़कनों को सामान्य रखने के लिए वेंटीलेटर में रखना अनिवार्य है। कार्डिक मानिटर, ब्लड प्रेशर की जांच, रेंडम प्लेटलेट्स कंस्टेंडर की जरूरत पड़ती है। साथ ही कुछ विशेष मेडिकल सॉल्यूशन मरीज को दिए जाते हैं। बचने के लिए ये करें

- डेंगू मच्छर साफ पानी में पनपता है। घरों के बाहर पानी जमा न होने दें।

-कूलरों, गमलों, बर्तनों, फ्रिज की ट्रे व पानी की टंकी के आसपास पानी जमा न रहे।

- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

- बुखार होने पर चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवा सेवन न करें।

-यदि आप डेंगू पाजिटिव हो चुके हैं तो तत्काल डाक्टर को दिखाएं। डेंगू के लक्षण और कारण

-तेज बुखार चढ़ना

-आंखों के पीछे दर्द

-सिर में आगे की ओर तेज दर्द

-मांसपेशियों में जकड़न, दर्द

-भूख न लगना

-कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना

-मन घबराना, उल्टी आना ये हैं शहर के हाई रिस्क एरिया

- बस स्टैंड स्थित जहाजगढ़ मार्केट

- रेलवे वर्कशाप

- बस स्टैंड

- बंगला बस्ती

- हिदुस्तानी बस्ती

- रतन सिंह चौक फैजपुरा-नवीं आबादी

- गंडा सिंह कालोनी

- मजीठा रोड 88 फुट रोड

- 22 नंबर फाटक के समीप इंद्रपुरी

- पंजाब रोडवेज डिपो-1 व 2

- अजनाला

- बाबा बकाला

- वेरका

- गुमटाला बाइपास डेंगू केस और मौतें

साल केस मौत

2020 371 0

2019 1116 3

2018 696 0

2017 222 0

2016 1358 3

2015 883 0 -2 मरीज डेंगू के अब तक रिपोर्ट हुए

-451 स्थानों पर वर्ष 2020 में निगम ने चालान काटे

-2.25 लाख 500 रुपये कुल जुर्माना वसूला गया

-500 रुपये जुर्माना है अगर घर या संस्थान में डेंगू लारवा मिला

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