अब जिम में फिर शुरू होगी कसरत, ढाबे और रेस्तरां चलाने में नाइट क‌र्फ्यू बनेगा बाधा

जून में कोरोना के घटे मामलों और रिकवरी में आई तेजी के बाद प्रदेश सरकार ने पाबंदियों में ढील देते हुए बड़ी राहत दी है।

JagranWed, 16 Jun 2021 06:00 AM (IST)
अब जिम में फिर शुरू होगी कसरत, ढाबे और रेस्तरां चलाने में नाइट क‌र्फ्यू बनेगा बाधा

जासं, अमृतसर : जून में कोरोना के घटे मामलों और रिकवरी में आई तेजी के बाद प्रदेश सरकार ने पाबंदियों में ढील देते हुए बड़ी राहत दी है। सरकार ने जिम, रेस्टोरेंट, ढाबे और सिनेमाघर 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिम मालिक तो इस फैसले से काफी खुश हैं। हालांकि रेस्टोरेंट और सिनेमाघरों के लिए अभी चुनौतियां बरकरार हैं क्योंकि सिनेमाघर पिछले साल भी पूरी तरह बंद थे। जब खुले तो लोगों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी। दूसरी तरफ रेस्टोरेंट की बात की जाए तो उनकी तैयारी पूरी है लेकिन रात का क‌र्फ्यू जारी रहने के कारण असमंजसम में है। डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा का कहना है कि अभी तक उनके पास लिखित में आदेश नहीं आया है। जैसे ही लिखित में आएगा, उसके मुताबिक आदेशों को लागू करवाया जाएगा। रेस्तरां, जिम, ढाबे आदि सभी जगह की लगातार चेकिग रखी जाएगी। नए आदेश लागू होने के बाद अगर कोई भी नियमों की उल्लंघना करता है या 50 प्रतिशत क्षमता से ज्यादा लोगों को इक्ठ्ठा करता है तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक बनती कार्रवाई होगी। जिम : कई लोगों को मिलेगा रोजगार, तैयारियां शुरू कीं

इम्पल्स जिम के एमडी वरुण शर्मा, पन्नू जिम के मालिक मनजिदर सिंह पन्नू ने कहा कि पूरे जिले में 300 के करीब जिम हैं। हर एक जिम में कम से कम 10 लोगों का स्टाफ तो रहता ही है। इसके अलावा ट्रेनर भी होते हैं। ऐसे में चार से पांच हजार लोगों का रोजगार जिम से चलता है। पिछले करीब ढाई महीनों से जिम बंद होने के कारण उनके रोजगार खत्म हो चुके थे। इस फैसले से सभी को दोबारा से रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइन के मुताबिक जिम खोले जाएंगे। इसकी पूरी तैयारी कर ली है। जिम में सैनिटाइजेशन शुरू कर दी गई है। चुनौती : लोग रात को ही खाना खाने के लिए आते हैं, दोपहर को नहीं होती डिमांड। इसलिए कारोबार में दिक्कत आएगी

अमृतसर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन सिविल लाइन के प्रधान एपीएस चट्ठा ने कहा कि रेस्टोरेंट भले ही 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने के आदेश जारी हुए हैं। इसके लिए उनकी तैयारी भी पूरी है। मगर अभी भी कई तरह की समस्याएं पैदा होंगी। क्योंकि रात का क‌र्फ्यू अभी भी जारी है जबकि रेस्तरां में लोग रात के समय ही आना पसंद करते हैं। ऐसे में रेस्तरां में दोपहर के समय का कल्चर कभी भी नहीं रहा है। इसके अलावा इस इंडस्ट्री को सरवाइव करने के लिए सरकार से बहुत ज्यादा अपेक्षा है। चुनौती: पिछली बार सिर्फ 20 फीसद लोगों ने दिखाई थी रुचि, नई फिल्में नहीं आने का बी असर

लोग अभी नहीं दिखा रहे रुचि, पिछली बार भी ऐसे ी थे हालात

शहर में पांच से सात के करीब मल्टीप्लेक्स हैं। पर अभी तक किसी ने कोई भी जानकारी अपडेट नहीं की है। यहां भी कई लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। पहले तो एक हजार से अधिक लोगों को यहां पर नौकरी मिली हुई थी। ये बंद होने पर उनको इससे हाथ धोना पड़ा। अभी मल्टीप्लेक्स संचालक जिला प्रशासन के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। पिछली बार जब मल्टीप्लेक्स सरकारी की ओर से 50 फीसद क्षमता के साथ खोलने के आदेश जारी किए गए थे तो लोगों ने ही रुचि नहीं दिखाई थी। करीब 10 से 20 प्रतिशत लोग ही वहां पर आ रहे थे, क्योंकि उस समय भी नई फिल्में रिलीज नहीं हो रही थीं। उसी तरह आज भी वैसे ही हालात हैं। इसलिए उन्हें भी मल्टीप्लेक्स का खर्च निकालने में समस्याएं आएंगी। हालांकि बड़े परदे पर फिल्में भी रिलीज होनी चाहिए। स्टाफ के खर्चे निकालने भी मुश्किल

फ्रेंडस ढाबे के मालिक परमिदर जीत सिंह राजा, फौजी ढाबे के मालिक कुलदीप ठाकुर बंटी ने कहा कि नई गाइडलाइन के मुताबिक ढाबा खोला जाएगा। जो भी ग्राहक आएंगे, उनका पूरी रिकार्ड मेनटेन करने का भी इंतजाम किया गया है। मगर 50 प्रतिशत के साथ ढाबे पर फिर से काम पहले की तरह चलाना मुश्किल है, क्योंकि स्टाफ और अन्य खर्चे बहुत ज्यादा रहते हैं। इस कारण 50 प्रतिशत के साथ खर्च को पूरा करना बेहद मुश्किल है। फिलहाल वह इसके लिए काम तो शुरू करेंगे। अभी जिला प्रशासन के आदेशों का इंतजार है।

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