सिखों की प्रमुख संस्था SGPC को मिला नया प्रमुख, बीबी जगीर कौर चुनी गई प्रधान

प्रधान पद पर जीतने के बाद बीबी जगीर कौर। जागरण

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद के लिए बीबी जगीर कौर को चुना गया है। इससे पूर्व सुबह ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। मैदान में बीबी जगीर कौर व मिट्ठू सिंह थे। बीबी जगीर कौर इससे पहले भी एसजीपीसी प्रधान रह चुकी हैं।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 02:29 PM (IST) Author: Kamlesh Bhatt

जेएनएन, अमृतसर। बीबी जगीर कौर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) प्रधान चुनी गई हैं। चुनाव मैदान में बीबी जगीर कौर के अलावा मिट्ठू सिंह थे। मतदान में बीबी जगीर कौर ने बाजी मारी। जगीर कौर इससे पहले भी प्रधान रह चुकी हैं। प्रधान पद के लिए कुल 143 वोट डाले गए, जिसमें से बीबी जगीर कौर को 122 और मिट्ठू सिंह को 20 मत मिले। एक वोट रद हुआ।

पिछले साल भी बीबी जगीर कौर अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार थीं, लेकिन लोंगोवाल हैट्रिक बनाने में सफल रहे थे। इस बार एसजीपीसी के आंतरिक प्रबंधों पर पकड़ मजबूत न होना उनके खिलाफ गया। एसजीपीसी के अध्यक्ष पद के लिए बीबी जगीर कौर का नाम एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष अलविंदरपाल सिंंह पाखोके ने पेश किया।

हरजिंदर सिंह धामी और गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने इसका अनुमोदन किया। इसी दौरान एसजीपीसी सदस्य अमरीक सिंह शाहपुर ने मिट्ठू सिंह काहनके का नाम अध्यक्ष पद के लिए पेश कर दिया, इसलिए वोटिंग करवानी पड़ी। कुल 143 सदस्यों ने मतदान किया। इसमें बीबी जगीर कौर को 122 और ढींडसा गुट के मिट्ठू सिंह को 20 वोट मिले। एक वोट रद हुआ। सुरजीत सिंह भिट्डेवड्ड को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बाबा बूटा सिंह को जूनियर उपाध्यक्ष चुना गया। एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका महासचिव बने।

विपक्षी गुट के दो सदस्य कार्यकारिणी में शामिल

बीबी जगीर कौर ने कार्यकारिणी में बलदेव सिंह चुंगा, बाबा चरणजीत सिंह जस्सोवाल, नवतेज सिंह काउणी, सतविंदर  सिंह टोहड़ा, अजमेर सिंह खेड़ा, दर्शन सिंह सेरखा, भूपिंदर सिंह पहलवान, बीबी मलकीत कौर कमालपुरा, मिट्ठू सिंह काहनके और अमरीक सिंह शाहपुर को शामिल किया है। मिट्ठू सिंह काहनके और अमरीक सिंह शाहपुर का नाम विपक्ष के कहने पर कार्यकारिणी में शामिल किया गया।

1999 में बनी थीं पहली महिला अध्यक्ष

जगीर कौर पहले भी दो बार अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्हें एसजीपीसी की पहली महिला अध्यक्ष होने का सम्मान हासिल है। पहली बार 16 मार्च, 1999 से लेकर 30 नवंबर, 2000 तक और इसके बाद दूसरी बार 23 सितंबर, 2004 से 22 नवंबर, 2005 तक वे इस पद पर रहीं। अब उन्हें तीसरी बार चुना गया है। वह पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं।

ऐसे होता है चुनाव

SGPC के 191 सदस्य हैं। जिनमें पांच तख्तों के जत्थेदार, दरबार साहिब व श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी और 15 नामित सदस्य हैं। SGPC के संविधान के अनुसार 170 सदस्यों का चुनाव मतदान प्रक्रिया के माध्यम से होता है। हर वर्ष 30 नवंबर से पहले SGPC के प्रधान और कार्यकारिणी के सदस्य व पदाधिकारियों का चुनाव करवाना होता है। SGPC हाउस के सदस्य ही प्रधान और कार्यकारिणी का चुनाव करते हैं। इस समय ज्यादा सदस्य अकाली दल बादल के हैं और उन्होंने प्रधान व अन्य पदों के चुनाव का अधिकार पार्टी प्रधान सुखबीर बादल को सौंप दिया है।

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.