40 हजार उपभोक्ताओं वाली सब डिवीजन में दो-तीन कंप्लेंट सेंटर, वो भी खस्ताहाल

ईस्ट डिवीजन के अंतर्गत पड़ती साउथ सब डिवीजन के पास अपनी जगह नहीं होने की वजह से कार्यालय कई सालों से किराये की इमारत में ही चल रहा है।

JagranSun, 13 Jun 2021 12:00 PM (IST)
40 हजार उपभोक्ताओं वाली सब डिवीजन में दो-तीन कंप्लेंट सेंटर, वो भी खस्ताहाल

हरदीप रंधावा, अमृतसर: पावरकाम के बार्डर जोन के सब अर्बन सर्किल की ईस्ट डिवीजन के अंतर्गत पड़ती साउथ सब डिवीजन के पास अपनी जगह नहीं होने की वजह से कार्यालय कई सालों से किराये की इमारत में ही चल रहा है। सर्किल की सबसे बड़ी सब डिवीजनों में आने वाली साउथ सब डिवीजन में विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ फील्ड स्टाफ भी हर रोज परेशानियों से गुजरता है, क्योंकि सर्दी के साथ-साथ बारिश या भीषण गर्मी का मौसम हो, तो फील्ड स्टाफ यानी कंप्लेंट स्टाफ को इधर-उधर ही खड़े होकर समय गुजारना पड़ता है, क्योंकि कंप्लेंट सेटर में स्टाफ के लिए सब डिवीजन में बैठने के साथ-साथ सामान रखने के लिए कोई मुकम्मल जगह नहीं है।

साउथ सब डिवीजन से टेक्निकल सर्विस यूनियन (टीएसयू) से सब डिवीजन के प्रधान स्वर्ण सिंह का कहना है कि वह जब से इस डिवीजन में काम कर रहे हैं, तब से ही उन्होंने देखा है कि फील्ड स्टाफ के लिए बैठने और विभाग का सामान भी रखने के लिए मुकम्मल जगह नही है। खासकर कंप्लेंट सेंटर के स्टाफ सदस्यों की समस्या से विभागीय अधिकारी भी अच्छी तरह से जागरुक हैं, मगर उनकी तरफ से कोई भी समस्या का हल नहीं करवाया गया है। उनका कहना है कि यदि सब डिवीजन में रंजीत एवेन्यू के साथ-साथ ग्वालमंडी में एक-एक कंप्लेंट सेंटर है, तो उनकी हालत भी खराब है। वहां बारिश में पानी टपकता है और गर्मियों में तपती सीमेंट की टीनों के नीचे बैठना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है। कंप्लेंट स्टाफ के लिए बैठने के लिए कर्मचारियों ने जेब से खर्च करके गुमटाला में किराये का एक मकान ले रखा है, जहां कर्मचारी बैठकर अपनी ड्यूटी करते हैं। इस समस्या के हल के लिए विभाग को लिखेंगे: एसडीओ

साउथ सब डिवीजन के कार्यकारी सब डिवीजनल अधिकारी (एसडीओ) महिदरपाल का कहना है कि सब डिवीजन की इमारत किराये की जगह पर चल रही है, जिसकी शिफ्टिग संबंधी भी कई बार विभाग के उच्चाधिाकरियों को लिखा जा चुका है। उनका कहना है कि कंप्लेंट स्टाफ की समस्या जाहिर है। इसका समाधान करवाने के लिए विभाग को लिखा जाएगा, ताकि उनकी समस्या का हल निकाला जाए।

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