कॉलेज अध्यापकों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर किया प्रदर्शन

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— कालेज प्राध्यापकों ने 11 बजे से लेकर एक बजे तक कक्षाओं का बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

जागरण संवाददाता, अमृतसर

पंजाब फेडरेशन आफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स आर्गेनाइजेशन के आह्वान पर कॉलेज टीचरों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अध्यापक अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यापकों ने अपने अपने शिक्षण संस्थानों में ¨प्रसिपल कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किया। कॉलेज अध्यापकों ने 11 बजे से लेकर बाद दोपहर एक बजे तक कक्षाओं का बहिष्कार करके रोष जताया। डीएवी कालेज हाथी गेट में हुए प्रदर्शन में अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी कॉलेज अध्यापकों को संबोधित करते हुए पंजाब व चंडीगढ़ कालेज टीचर यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रो. बीबी यादव ने कहा कि पंजाब सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से भाग रही है। जबकि यूजीसी की ओर से पहले ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को देश के कई राज्यों में लागू कर दिया गया है। अगर सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया तो राज्य भर के यूनिवर्सिटी और कॉलेज अध्यापक संघर्ष के मैदान में उतर आएंगे। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के घेरे के अंदर आते सभी कॉलेजों के अध्यापक 24 जनवरी को हड़ताल कर विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। राज्य के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में खाली पड़ी अध्यापकों की सारी पोस्टें रेगुलर रूप में भरी जाएं। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। प्राईवेट कालेज अध्यापकों को ग्रेजुएटी व अन्य पहले से मिलने वाली सुविधाओं को दोबारा लागू किया जाए। शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए सरकार रोजगार की व्यवस्था करे। जिन 1925 अध्यापकों की तीन वर्ष की सेवाएं पूरी हो गई है उनकी सेवाएं रेगुलर की जाएं। इस दौरान अध्यापक नेताओं प्रो आर के झा, प्रो. मलकीत ¨सह , प्रो.परमजीत ¨सह रंधावा, प्रो. प्रवीन कुमार , प्रो.जेडी शर्मा, प्रो. बीएस बल , प्रो किरण छाबड़ा, प्रो. रजनी खन्नाआदि ने भी संबोधित किया।

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